
दिल्ली जल बोर्ड मुख्यालय में आयोजित उत्कृष्ट हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स की प्रदर्शनी का बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. कृष्णमूर्ति ने किया उद्घाटन।
दिल्ली जल बोर्ड (DJB) मुख्यालय में आयोजित इस प्रदर्शनी में स्वयं सहायता समूह के सदस्यों द्वारा अलग-अलग स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉलों में पर्यावरण के अनुकूल हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट जैसे जूट और कपड़े के बैग, फूलों और सब्जियों से बनाए गए प्राकृतिक रंग, सीड्स बॉल, सीड्स कैप से बने पेपर पेन, हैंडमेड साबुन, मिट्टी की ज्वेलरी और खिलौने, मधुबनी पेंटिंग और कपड़े व सजावट के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सामान सामानों को प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया। डीजेबी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पी. कृष्णमूर्ति ने एसएचजी के सदस्यों द्वारा खुद को आत्मनिर्भर बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की। साथ ही उन्होंने एसएचजी के सदस्यों द्वारा बनाए गए पर्यावरण के अनुकूल हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स को लेकर उनके प्रयासों को पर्यावरण और यमुना की स्वच्छता के लिए महत्वपूर्ण बताया।
प्रदर्शनी मे 11 एसएचजी के सदस्यों के प्रोडक्ट को किया गया प्रदर्शित
डीजेबी के अनुसार इस प्रदर्शनी में दिल्ली जल बोर्ड के पार्टनर एनजीओ से जुड़े कुल 11 स्वयं सहायता समूह के सदस्य शामिल हुए। दिल्ली जल बोर्ड की 4 पार्टनर एनजीओ - हरियाली सेंटर फॉर रूरल डेवलपमेंट, सोशल नेटवर्क इंडिया, रूरल एजुकेशन एंड वेलफेयर सोसाइटी और गंगा देवी शैक्षिक सोसाइटी द्वारा दिल्ली में जगह-जगह लोगों को पर्यावरण और यमुना के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ स्वयं सहायता समूह के जरिए महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है। इन स्वयं सहायता समूहों में गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को शामिल कर उनके सामाजिक और आर्थिक स्तर को मजबूती प्रदान करने के लिए कई तरह के कार्यक्रम भी चलाए जा रहे है।
सौ रुपए से दो हजार रुपए तक के प्रोडक्ट किए गए प्रदर्शित
डीजेबी के अधिकारियों के अनुसार इस प्रदर्शनी में पेंसिल होल्डर, हैंडमेड साबुन, बैग जैसे प्रोडक्ट सौ रुपए से लेकर तीन सौ रुपए की रेंज में प्रदर्शित किए गए। वहीं, स्वयं सहायता समूह के सदस्यों द्वारा तैयार किए गए इन हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट में से दुपट्टे पर मधुबनी पेटिंग भी हाथों से बनाई गई। जिसकी कीमत दो हजार रुपए रखी गई है। यह प्रोडक्ट भी प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र रहे। लोगों ने भी इस तरह के प्रोडक्ट को खरीदने में खूब दिलचस्पी दिखाई।
कूड़ा-कचरा समझकर कूड़े व नदी में फेंकने वाले सामानों से तैयार किए गए प्रोडक्ट्स
डीजेबी के अधिकारियों के अनुसार इन प्रोडक्ट्स में से ज्यादातर प्रोडक्ट्स को बनाने के लिए दोबारा से ऐसे सामानों का इस्तेमाल किया गया। जिन्हें लोग बेकार और कूड़ा - कचरा समझकर कूड़ेदान या नदी में फेंक देते हैं। प्रदर्शनी को लेकर लोगों ने खासा उत्साह दिखाया और लोगों ने ना सिर्फ सामानों को रीयूज कर बनाए गए प्रोडक्ट्स की जानकारी ली बल्कि लोगों ने प्रदर्शनी में जमकर खरीदारी भी की। प्रदर्शनी में आए लोगों ने बताया कि वो इस प्रदर्शनी में आकर बेहद खुश है और उनको इस प्रदर्शनी में आकर पता चला कि कई बेकार सामानों को फेंकने के बजाय उनका दोबारा से इस्तेमाल कर सुंदर प्रोडक्ट बनाए जा सकते हैं और ऐसा करने से साथ में पर्यावरण और यमुना को भी साफ रखने में मदद मिल सकती है।
बाजार में एसएचजी को अपने प्रोडक्ट उतारने के लिए किया जा रहा है प्रोत्साहित
डीजेबी के अधिकारियों के अनुसार इस तरह की प्रदर्शनी से स्वयं सहायता समूहों (SHG) के सदस्यों को उनके द्वारा तैयार किए गए हैंडीक्राफ्ट प्रोडक्ट्स को बाजार में उतारने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिससे वह अपने प्रोडक्ट्स को अच्छे प्लेटफॉर्म में जाकर सही माध्यम से प्रदर्शित कर सकें और लोगों को अपने प्रोडक्ट्स के बारे में विस्तार से बता सकें। इससे उनके प्रोडक्ट्स को बेहतर वैल्यू के साथ बाजार में जगह मिलेगी और लोगों में भी उनके प्रोडक्ट्स की दिलचसपी बढ़ेगी।
Published on:
04 Mar 2023 08:25 pm
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