13 फ़रवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दिल्ली सरकार को HC का आदेश, मेनहॉल में गिरकर मरे बच्चे के परिजन को दें 10 लाख का मुआवजा

दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार को एक आदेश देते हुए कहा है कि मृतक की मां को 10 लाख रुपए बतौर मुआवाजा दें। बता दें कि हाईकोर्ट ने अदालत के रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि चार सप्ताह के भीतर मृतक के मां को मुआवजा सरकार की ओर से दिलवाना सुनिश्चित किया जाए।

2 min read
Google source verification
दिल्ली सरकार को HC का आदेश, मेनहॉल में गिरकर मरे बच्चे के परिजन को दें 10 लाख का मुआवजा

दिल्ली सरकार को आदेश, मेनहॉल में गिरकर मरे बच्चे के परिजन को दें 10 लाख का मुआवजा

नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के मिलेनियम पार्क में सड़क पर खुले मेनहॉल में गिरकर 11 वर्ष के बच्चे की मौत के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने केजरीवाल सरकार को एक आदेश देते हुए कहा है कि मृतक की मां को 10 लाख रुपए बतौर मुआवाजा दें। बता दें कि हाईकोर्ट ने अदालत के रजिस्ट्रार को निर्देश दिया है कि चार सप्ताह के भीतर मृतक के मां को मुआवजा सरकार की ओर से दिलवाना सुनिश्चित किया जाए।

कब घटा था यह मामला

आपको बता दें कि यह मामला 2015 का है। 21 दिसंबर 2015 को जब ललिता पार्क सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र मिलेनियम पार्क में पिकनिक मनाने गए थे। उस दौरान कक्षा 6 में पढ़ने वाले एक छात्र लावांश पार्क के बाहर खुले मेनहॉल में गिर गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। अब दिल्ली हाईकोर्ट ने सरकार को आदेश देते हुए कहा है कि राज्य सरकार समेत सभी संबंधित एजेंसिया राजधानी में सड़कों पर इस तरह के खुले मेनहॉल का निरीक्षण करे। इसके अलावे अदालत ने यह भी कहा है कि ऐसे जगहों पर आम लोगों की पहुंच को रोका जाए जहां दुर्घटना होने की संभावना हो और खतरा ज्यादा हो।

दिल्ली: HC ने CM केजरीवाल के LG के घर धरने पर बैठने संबंधी सभी याचिकाओं का किया निपटारा

अदालत ने क्या कहा

आपको बता दें कि सुनवाई करते हुए अदालत ने कहा कि मेनहॉल वाली जगह पर आम लोगों की जानकारी के लिए एक साइन बोर्ड लगाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हो। अदालत ने सख्त लहजे में कहा कि यदि आने वाले दिनों में इस तरह की घटना फिर से होती है तो संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। आपको बता दें कि मीडिया रिपोर्ट में खबर आने के बाद 2015 में स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले की सुनवाई शुरू की थी। बरसात के दिनों में दिल्ली में इस तरह की घटनाएं ज्यादा होती है। इसलिए अदालत ने साफ-साफ कहा है कि जिस भी इलाके में ऐसी घटनाएं घटेगी उस इलाके के संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।