
दिल्ली: पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने कपिल मिश्रा और विजेंद्र गुप्ता पर किया आपराधिक मानहानि का केस
नई दिल्ली। राजधानी में एक बार फिर से 16 हजार पेड़ों को काटे जाने का मामला चर्चा में आ गया है। दक्षिणी दिल्ली में पेडों को काटे जाने के संबंध में दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री इमरान हुसैन ने कपिल मिश्रा के साथ नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता और भाजपा-अकाली विधायक मनजिंदर सिरसा के खिलाफ कोर्ट में आपराधिक मानहानि की याचिका दायर की है। बता दें कि दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर करते हुए इमरान हुसैन ने कहा है कि कपिल मिश्रा और भाजपा विधायक विजेंद्र गुप्ता के साथ मनजिंदर सिंह सिरसा ने पेड़ गिराने के मामले में उनपर गलत आरोप लगाया था। इससे उनकी छवि धूमिल हुई है।
विजेंद्र गुप्ता ने क्या कहा था
आपको बता दें कि दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने कहा था कि पेड़ काटने के मामले में दिल्ली सरकार झूठ बोल रही है। गुप्ता ने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए आवास और सरकारी कार्यालय कॉंप्लेक्स बनाने के लिए पेड़ काटने की इजाजत दिल्ली सरकार ने ही दी थी। इस मामले को लेकर विजेंद्र गुप्ता ने कुछ दस्तावेज भी सार्वजनिक किए थे। विजेंद्र गुप्ता का आरोप है कि नेशनल बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कॉपरेरेशन (एनबीसीसी) ने दिल्ली सरकार से नेताजी नगर और नौरोजी नगर में पेड़ काटने की स्वीकृति मांगी थी। इसे लेकर उपराज्यपाल ने पर्यावरण एवं वन विभाग के मंत्री इमरान हुसैन की स्वीकृति की सिफारिश वाली फाइल को अनुमोदित किया था। गुप्ता ने कहा कि एनबीसीसी ने काटे गए पेड़ों की क्षतिपूर्ति के एवज में पेड़ लगाने और उनके रखरखाव के लिए सुरक्षा राशि के तौर पर दिल्ली सरकार को 22,54,35,000 रुपये का अग्रिम भुगतान भी किया है।
क्या है पूरा मामला
आपको बता दें कि राजधानी में पेड़ काटने के मामले को लेकर भाजपा पार्षदों के साथ मिलकर विजेंद्र गुप्ता ने सरोजनी नगर थाने के बाहर प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन में आप के पूर्व नेता और बागी विधायक कपिल मिश्रा भी शामिल हुए थे। इस प्रदर्शन में इमरान हुसैन के खिलाफ नारेबाजी की गई थी और कुछ दस्तावेज दिखाए गए थे जिसमें कहा गया था कि इमरान खान ने ही पेड़ काटने की इजाजत दी थी। गुप्ता ने आरोप लगाया था कि सरकार ने बीते वर्ष 17 अक्टूबर को जानबूझ कर पेड़ काटने की इजाजत दी थी और फिर नौ महीने तक पेड़ कटने भी दिए। इस मामले को लेकर विधायक कपिल मिश्रा, मनजिंदर सिंह सिरसा, जगदीश प्रधान, भाजपा के प्रदेश महामंत्री राजेश भाटिया, पूर्व महापौर व भाजपा जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा, पूर्व विधायक बरखा सिंह ने भी दिल्ली सरकार के रवैये का विरोध किया था। सभी ने कहा था कि दिल्ली सरकार पेड़ों को बचाने के लिए कोई सही रणनीति नहीं बना पा रही है।
Published on:
04 Aug 2018 08:39 pm
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