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भारत में कहां पर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट खोलेगी Tesla, प्रदेश के सीएम ने दी जानकारी

टेस्ला इस साल भारत में प्रवेश करने के लिए पूरी तरह से तैयार नजर आ रही है। कर्नाटक में इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता टेस्ला खोल सकती है अपनी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट। कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने बयान जारी कर दी इस बात की जानकारी।

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टेस्ला बंद करेगी एस और एक्स मॉडल वाहनों का उत्पादन

टेस्ला बंद करेगी एस और एक्स मॉडल वाहनों का उत्पादन

नई दिल्ली। टेस्ला भारत में अपनी बहुप्रतीक्षित शुरुआत के लिए तैयार है और देश में कंपनी की पहली मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट कर्नाटक में स्थापित की जा सकती है। राज्य के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने इस बात की पुष्टि करते हुए कहा कि टेस्ला कर्नाटक में अपनी विनिर्माण सुविधा स्थापित करेगा।

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कर्नाटक के सीएम बीएस येदियुरप्पा द्वारा जारी बयान इस बात की पुष्टि की गई। इस बयान के मुताबिक अमरीकी फर्म टेस्ला कर्नाटक में अपनी इलेक्ट्रिक कार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट खोलेगी। इस साल की शुरुआत में 8 जनवरी को टेस्ला ने अपनी सब्सिडियरी-टेस्ला इंडिया मोटर एंड एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड कोबेंगलुरु में रजिस्टर्ड कराया था।

एक बार इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्माता टेस्ला द्वारा इस बात की पुष्टि के बाद कर्नाटक राज्य के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि होगी, क्योंकि कर्नाटक टोयोटा समेत कई ऑटो दिग्गजों के लिए देश में निर्माण केंद्र बनकर उभरा है।

अमरीका में राज्यों ने पहले ईवी कंपनी को अपनी निर्माण इकाई स्थापित करने के लिए कई प्रोत्साहनों की पेशकश करके टेस्ला और उसके सीईओ एलन मस्क का ध्यान आकर्षित करने के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा की है। टेस्ला की निर्माण इकाई के लिए तरस जाने का एक प्रमुख कारण राजस्व की कमाई के अलावा बड़े पैमाने पर रोजगार का पैदा होना है।

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इस बात के भारत में भी सच होने की संभावना है क्योंकि टेस्ला वर्तमान में देश के शुरुआती चरण के ईवी बाजार मेंसबसे अधिक काम करने के बारे में देख रही है। जहां ज्यादातर ऑटो निर्माताओं में फिलहाल इलेक्ट्रिक व्हीकल पर ही फोकस करने की प्रतिस्पर्धा चल रही है, ऐसे में टेस्ला का आना इस प्रक्रिया में तेजी ला सकता है, भले ही देश में टैक्स के चलते इसके मॉडल 3 जैसे महंगे उत्पादों का व्यापक बाजार ना हो।

बाद के चरणों में स्थानीय स्तर पर निर्माण टेस्ला को वास्तव में भारतीय जनता के साथ जुड़ने में मदद कर सकता है और इसकी अधिक किफायती EV, जिसे कथित तौर पर शंघाई में विकसित किया जा रहा है-विशेष रूप से उभरते बाजारों को फोकस करने वाले उत्पाद के रूप में देखा जा रहा है।