नई दिल्ली

घर वापसी पर बोले जगतगुरु डॉक्टर राघवाचार्य: घर वापसी के उपरांत उपेक्षा होने पर विद्रोही साबित होंगे वापस आए लोग

-घर वापसी को लेकर जल्दबाजी में लिया निर्णय भविष्य में घातक साबित होगा - वापसी से पहले तमाम मानकों पर विचार करे संत समाज, जोश में कोई फैसला ना लें

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अनुराग मिश्रा
नई दिल्ली। घर वापसी को लेकर पूरे देश भर में उठ रहे विवाद के बीच तमाम साधु संत और अन्य धर्मों के लोग अपनी अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। इसी बीच भारत के प्रख्यात संत और अयोध्या की बढ़ी पीठ राम लला देवस्थानम के अध्यक्ष जगतगुरु रामानुजाचार्य डॉक्टर राघवाचार्य ने इस मामले पर सभी से जोश में नहीं बल्कि होश और व्यवस्थित रूप से काम करने को कहा है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के बेहद करीबी माने जाने वाले डॉक्टर राघवाचार्य ने कहां है की घर वापसी से पहले तमाम बिंदुओं पर विचार किया जाना चाहिए। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय आने वाले समय में हिंदू समाज के लिए भविष्य में मुश्किलें पैदा कर सकता है।

ये तय हो कि वापसी करने वाले किस जाति में शामिल होंगे

श्रीमज्जगद्गुरुरामानुजाचार्य श्रीस्वामी डॉक्टर राघवाचार्य ने राजस्थान पत्रिका से खास बातचीत करते हुए कहा कि जो लोग भी हिंदू धर्म में वापसी कर रहे हैं उनके गोत्र, जाति,वर्ग इत्यादि का ध्यान रखना, उसका पूर्व निर्धारण आवश्यक है। इस बात का आशय पूछे जाने पर राघवाचार्य ने कहा कि वापसी करने वाले लोग किस जाति में समाहित किए जाएंगे, किस वर्ग के लोगों से उनका रोटी और बेटी का संबंध होगा, जिस जाति मैं उन्हें शामिल किया जाएगा क्या उसके लोग उनके यहां विवाह या अन्य रिश्तेदारी निभाएंगे इन सभी बातों पर विस्तार से बातचीत और मानक तय किया जाना आवश्यक है।

वापसी करने वालों की भविष्य में उपेक्षा घातक साबित होगी
राघवाचार्य जी ने कहा कि अगर हिंदू समाज में शामिल इन लोगों को कि भविष्य में उपेक्षा की जाती है तो यह और ज्यादा घातक साबित होगा। साथ ही इस पूरी प्रक्रिया की सकारात्मकता पर भी असर पड़ेगा।

जतिवादिता को नकार नहीं सकते

डॉक्टर राघवाचार्य ने पत्रिका से कहा कि भारतीय समाज में जातिवादीता को नकारा नहीं जा सकता। जाति वर्ग और धर्म का समाज में समाज के लोगों में बहुत महत्व होता है लिहाजा इसे एकदम से नकारा नहीं जा सकता है। ऐसे में धर्म परिवर्तन करके हिंदू धर्म वापसी कर रहे लोगों को लेकर भी जाति आदि बातों की समाज में जरूर चर्चा होगी।

राघवाचार्य ने कहा कि अच्छी बात है जो लोग सैकड़ों साल पूर्व कन्वर्ट होकर मुसलमान या ईसाई हुए थे वह वापस हिंदू धर्म में आए लेकिन उनके गोत्र, उनके सरनेम आदि पर संत समाज को मिल बैठकर चर्चा कर फैसला लेना होगा। साथ ही यह भी सुनिश्चित करना होगा कि हिंदू सनातनी, संत समाज के फैसले को मानकर उस पर अमल करें।

Published on:
31 Jan 2023 10:17 am
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