-मंत्रियों-विधायकों का काफिला लेकर सोलापुर पहुंचे केसीआर -विट्ठल-रूक्मिणी और तुलजाभवानी मंदिर में आज करेंगे दर्शन
नई दिल्ली/सोलापुर। महाराष्ट्र में सियासी जमीन मजबूत करने में लगे भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के मुखिया और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव अब धार्मिक रिश्तों के साथ राज्य के लोगों को लुभाने की कोशिश शुरू कर रहे हैं।
मंत्रियों, विधायकों व सांसदों के बड़ा काफिले के साथ हैदराबाद से सोमवार को सोलापुर पहुंचे केसीआर मंगलवार को आषाढ़ी एकादशी के पर्व पर पंढरपुर में महाराष्ट्र के महत्वपूर्ण तीर्थस्थल विट्ठल रूक्मिणी मंदिर में दर्शन करेंगे। हर साल लाखो भाविक भगवान विठ्ठल-रुखमाई के दर्शन के लिये आषाढी वारी करते हुए यहां पहुंचते हैं। केसीआर तुलजाभवानी मंदिर में भी दर्शन करेंगे। इससे पहले केसीआर नांदेड़ स्थित हजूर साहिब सचखंड गुरुद्वारा भी गए थे।
केसीआर सोमवार सुबह एक बस और 600 से ज्यादा कारों के काफिले के साथ अपने निवास प्रगति भवन से रवाना हुए। संगारेड्डी पथानचेरुवु शहरों से होकर काफिला उमरगाह में दोपहर भोज के लिए रुका और वहां से शाम को सोलापुर पहुंचा। रास्ते में जगह जगह केसीआर का स्वागत किया गया। राज्य के गांवों में सड़कों के दोनों किनारों पर खड़े होकर तेलंगाना के मुख्यमंत्री का अभिवादन कर रहे थे। भारी भीड़ ने अबकी बार किसान सरकार और केसीआर जिंदाबाद के नारे लगाए।
राज्य सरकार के प्रवक्ता के अनुसार मुख्यमंत्री मंगलवार को पंढरपुर और तुलजा भवानी मंदिर के लिए रवाना होने से पहले सोलापुर में बुनाई उद्योग और हथकरघा बुनाई इकाइयों का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान महाराष्ट्र के वरिष्ठ नेता भागीरथ भालके सोलापुर में बीआरएस की सदस्यता ग्रहण करेंगे।
बेटी ने कहा, इसलिए जा रहे केसीआर
केसीआर की बेटी और तेलंगाना विधान परिषद की सदस्य के.कविता ने सोमवार को एक बयान में कहा कि अन्नदाता का जीवन कितनी कठिनाइयों से भरा हुआ होता है, उसकी पीड़ा और उस पर पड़ रहे बोझ से मुख्यमंत्री भली-भांति परिचित हैं। इसीलिए वे किसानों के उत्तम स्वास्थ्य और उज्जवल भविष्य की कामना करने पंढरपुर में दर्शन के लिए जा रहे हैं।