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Delhi: जानिए दिल्ली सरकार कैसे सड़क दुर्घटनाओं को कर रही है कम? कैसे तैयार किया है रोड स्ट्रेच पर ट्रैफिक प्लान?

दिल्ली में कई सड़क मार्गों पर ट्रैफिक संचालन व्यवस्थित रूप देने के लिए दिल्ली सरकार ने योजना बनाई है। इससे दिल्ली में सड़क दुर्घटनाओं को कम किया जाएगा। दिल्ली सरकार के थिंक टैंक डायलॉग एंड डेवलपमेंट कमीशन (डीडीसी) ने राजधानी के प्रमुख ट्रैफिक ब्रिज - सिग्नेचर ब्रिज पर एक महीने तक 'टैक्टिकल अर्बनिज्म ट्रायल' की शुरुआत की है। इस ट्रायल में ब्रिज के रूट पर पैदल यात्रियों के चलने के लिए निर्धारित क्षेत्र को तैयार किया गया है।

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Delhi: जानिए दिल्ली सरकार कैसे सड़क दुर्घटनाओं को कर रही है कम? कैसे तैयार किया है रोड रूटों पर ट्रैफिक प्लान?

दिल्ली सरकार के पॉलिसी थिंक टैंक डीडीसी ने सिग्नेचर ब्रिज पर एक महीने तक 'टैक्टिकल अर्बनिज्म ट्रायल' की शुरुआत की है।

दिल्ली सरकार के थिंक टैंक डायलॉग एंड डेवलपमेंट कमीशन (डीडीसी) ने राजधानी के प्रमुख ट्रैफिक ब्रिज - सिग्नेचर ब्रिज पर एक महीने तक 'टैक्टिकल अर्बनिज्म ट्रायल' की शुरुआत की है। जिससे इस रूट पर किसी भी वाहन की एंट्री न हो सके और पैदल चलने वाले यात्री आसानी से इस मार्ग पर ब्रिज पर टहल सकें। लोगों के लिए सिग्नेचर ब्रिज वर्ष 2018 में शुरू किया गया था। तब से लेकर इसमें सड़क दुर्घटना के कई हादसे भी दर्ज हुए हैं। पैदल यात्रियों के लिए ब्रिज के दोनों तरफ चलने के लिए जगह भी नहीं मिलती थी। इसके अलावा कई वाहन भी सड़क किनारे ब्रिज पर खड़े हो जाते थे। जिससे लेकर ट्रैफिक संचालन में बाधा उत्पन्न होती थी।

अब इन सब पर अंकुश लगाने के लिए डीडीसी ने यह ट्रायल शुरू किया है। इस परीक्षण परियोजना के तहत ब्रिज पर सुरक्षित पैदल यात्रा क्षेत्र को नए सिरे से डिजाइन किया गया है। सरकार के अनुसार इस तरह का परीक्षण अन्य जगहों पर सफल रहा और पैदल यात्रा की दुर्घटनाओं में कमी देखी गई। डीडीसी उपाध्यक्ष जस्मीन शाह ने कहा कि सड़क सुरक्षा एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक सुरक्षा मुद्दा है। दिल्ली सरकार इसके लिए अनुठा, इनोवेटिव समाधान खोजने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है। डीडीसी ने दिल्ली एट 2047 पहल के तहत 'टैक्टिकल अर्बनिज्म' परीक्षणों की परिकल्पना की है। जो दिल्ली को नंबर 1 बनाने के सीएम अरविंद केजरीवाल के दृष्टिकोण को साकार बनाने के लिए काम कर रही है।

सिग्नेचर ब्रिज पर हो चुके हैं कई सड़क हादसे

दिल्ली सरकार के अनुसार सिग्नेचर ब्रिज पर 2018 और 2021 के बीच 53 सड़क दुर्घटनाएं और 17 मौतें हुई थीं। दिल्ली सरकार के अनुसार पैदल यात्रा क्षेत्र के नए तरह से डिजाइन करने के बाद सार्वजनिक क्षेत्र की उपलब्धता में 83 फीसदी की वृद्धि हो चुकी है। यह परीक्षण योजना 6 नवंबर तक जारी रहेगी। जिसमें यह परखा जाएगा कि डायवर्जिंग ट्रैफिक कोण के लगाने और निर्धारित नए डिजाइन किए गए पैदल यात्रा मार्ग में किस तरीके से बदलाव आया है और ट्रैफिक संचालन में कितनी बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित हुई है।

अब तक टेस्ट रहा है सफल, आगे की बनाई रणनीति

दिल्ली सरकार के अनुसार राजघाट चौराहे पर किए गए परीक्षण ने पैदल चलने वालों की दुर्घटनाओं में 32 फीसदी और वाहनों की दुर्घटनाओं में 81 फीसदी की कमी आई है। इसी तरह, भलस्वा चौक पर, टैक्टिकल रिडिजाइनिंग ने तेज गति वाले यातायात के साथ पैदल चलने वालों की दुर्घटनाओं में 50 फीसदी की कमी आई। वहीं, बुराड़ी चौक पर इस ट्रायल के चलने से पैदल यात्रियों के जोखिम से 51 फीसदी और हादसे होने के समय में 52 फीसदी की कमी आई है। इन परीक्षणों के निष्कर्षों के आधार पर सरकारी एजेंसियों को स्थायी बदलाव का सुझाव दिया गया है। सेवलाइफ फाउंडेशन (एसएलएफ), बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली परिवहन विभाग और पीडब्ल्यूडी (मध्य और पूर्वोत्तर) और दिल्ली पर्यटन और परिवहन विकास निगम (डीटीटीडीसी) के साथ अन्य एजेंसियां इन परीक्षणों को अंजाम देने के लिए मिलकर काम कर रही हैं।

पुलिस का मिल रहा है सहयोग, स्पीड कम करने पर है फोकस

एसएचओ तिमारपुर त्रिभुवन नेगी ने कहा कि दिन के साथ-साथ रात के समय भी कई सड़क दुर्घटनाएं और मौतें हुई हैं। इस परीक्षण के दौरान किए गए अतिरिक्त गति कम करने वाले उपायों के माध्यम से ओवर-स्पीडिंग को कम करने में मदद मिलेगी। सभी सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए पुल सुरक्षित होगा। यह महत्वपूर्ण है कि मोटर चालक इन गति शांत करने वाले उपायों और संकेतों का संज्ञान लें और सभी के लिए सुरक्षित आवागमन के लिए उनका सही उपयोग करें। सेव लाइफ फाउंडेशन के सीईओ पीयूष तिवारी ने कहा कि भारत में सड़क दुर्घटनाएं, मौत और विकलांगता का एक महत्वपूर्ण कारण हैं। एसएलएफ के 'जीरो फैटलिटी कॉरिडोर' मॉडल के तहत, सड़क दुर्घटनाओं और इसके परिणामस्वरूप होने वाली मौतों को कम करके जीवन बचाने के लिए सर्वोत्तम संभव समाधान का पता लगाने के लिए डेटा और साक्ष्य का उपयोग किया जाता है। इन उपायों को स्थायी बनाने के लिए सिद्ध समाधान दिल्ली सरकार के साथ साझा किए जाते हैं। हम दिल्ली में सड़क सुरक्षा में सुधार की दिशा में साथ काम करने के लिए डीडीसी, बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड, दिल्ली पुलिस, दिल्ली परिवहन विभाग, पीडब्ल्यूडी (मध्य और पूर्वोत्तर) और डीटीटीडीसी के आभारी हैं।