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Delhi MCD: टैरेस व ओपन स्पेस पर भोजन परोसने के लिए एमसीडी ने दी रेस्टोरेंट्स को अनुमति, जानिए क्या होगा फायदा?

एमसीडी ने पूरी दिल्ली में अब खुले स्थान पर और टैरेस पर भोजन परोसने वाले रेस्टोरेंट को अनुमति दी है। इससे खाने के शौकीन दिल्लीवासियों को टैरेस व्यू के साथ बेहतरीन लजीज व जायकेदार खाने के व्यंजनों का लुत्फ उठाने के लिए मिलेगा। एमसीडी के एकीकरण से पहले यह नीति सिर्फ साउथ एमसीडी ने अपने क्षेत्र में लागू की थी। लेकिन एमसीडी के एकीकरण के बाद अब दिल्ली नगर निगम (MCD) प्रशासन ने इस नीति को पूरी दिल्ली में लागू कर दिया है।

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Delhi MCD: टैरेस व ओपन स्पेस पर भोजन परोसने के लिए एमसीडी ने दी रेस्टोरेंट्स को अनुमति, जानिए क्या होगा फायदा?

एमसीडी ने पूरी दिल्ली में अब खुले स्थान पर और टैरेस पर भोजन परोसने वाले रेस्टोरेंट को अनुमति दी है। इससे खाने के शौकीन दिल्लीवासियों को टैरेस व्यू के साथ बेहतरीन लजीज व जायकेदार खाने के व्यंजनों का लुत्फ उठाने के लिए मिलेगा।

एमसीडी प्रशासन के अनुसार दिल्ली नगर निगम द्वारा अपने रेवेन्यू के सोर्स को बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। तात्कालिक साउथ एमसीडी ने रेस्टोरेंट्स से सटे खुले स्थानों एवं छतों पर भोजन परोसने की अनुमति प्रदान करने की नीति लागू की थी। इस नीति को एमसीडी की एकीकृत नीति के अंतर्गत तात्कालिक नॉर्थ और ईस्ट एमसीडी में भी लागू किया गया। एमसीडी की इस नीति को रेस्त्रां मालिकों ने हाथों-हाथ लिया और एमसीडी के जन स्वास्थ्य विभाग ने खुले में भोजन परोसने के 138 एवं छतों पर भोजन परोसने के 57 लाइसेंस जारी किए हैं। जिससे एमसीडी को लगभग 5.44 करोड़ रुपए के रेवेन्यू प्राप्त हुआ है। इस नीति से आम जनता को भी लाभ प्राप्त हुआ है। अब वो भी खुले में प्रकृति के साथ भोजन का आनंद ले सकते हैं।

इन शर्तों का एप्लिकेंट्स को करना होगा पालन

एमसीडी की नीति के अनुसार रेस्त्रां मालिकों को निम्न शर्तों का अनुपालन करने पर खुले में भोजन परोसने की अनुमति प्रदान की जाएगी। आवेदकों के पास खुली जगह व टैरेस का कानूनी कब्जा प्राप्त होना चाहिए। फायर डिपार्टमेंट की एनओसी होनी चाहिए। लेकिन इसमें ग्राउंड और ऊपर के फ्लोर पर अगर कुल खुली जगह 90 वर्ग मीटर से कम है, तो एनओसी की आवश्यकता नहीं है। साथ ही खुले स्थान पर खाने की जगह किसी भी तरह से पैदल चलने के मार्ग में रुकावट नहीं होनी चाहिए। फायर डिपार्टमेंट के बचाव दल के इस्तेमाल के लिए खुली जगह पर भोजन परोसने की अनुमति नहीं दी जाएगी और खुले स्थान पर रसोई व भोजन पकाने की अनुमति नहीं होगी। एमसीडी की तरफ से रेस्त्रां के खुले स्थान, छत, आंशिक छत क्षेत्र के लिए 200 रुपए प्रति वर्ग फुट की दर से वार्षिक लाइसेंस शुल्क लिया जाएगा। फोर स्टार होटल और उससे ऊपर के मामले में वार्षिक लाइसेंस शुल्क 500 रुपए प्रति वर्ग फुट होगा।

टूरिज्म और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

एमसीडी प्रशासन के अनुसार नागरिकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए एमसीडी प्रतिबद्ध है। दिल्ली नगर निगम की यह नीति राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ टूरिज्म को बढ़ावा देने और नौकरियों के सृजन में मदद करेगी। कई लोगों को इस नीति के जरिए रोजगार में भी सहायता मिलेगी। इसके साथ ही नागरिक भी खुले में भोजन का आनंद ले सकेंगे। साथ ही फैमिली डाइनिंग के लिए भी लोगों के पास ओपन स्पेस और टैरेस व्यू के साथ ऐसे रेस्टोरेंट में जाने में भी कई सुविधाएं मिलेंगी। एक्सपर्ट्स के अनुसार रेस्टोरेंट इंडस्ट्री के लिए भी इस तरह की नीति के काफी फायदमेंद होने की संभावना है।

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