देशी मेडिकल कॉलेजों से डिग्री हासिल कर चुके इन युवाओं को तात्कालिक अनुमति दी जा सकती है जिसके तहत ये सरकारी या निजी अस्पतालों में अनुभवी डॉक्टरों की निगरानी में काम कर सकें। ऐसा हुआ तो ये अगले दो सप्ताह में काफी लाभ पहुंचा सकते हैं।
- डॉ. देवी शेट्टी, नारायण हृदयालय के संस्थापक