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Mob Attacked: छापेमारी के दौरान दिल्ली पुलिस टीम पर हमला, धोखाधड़ी के आरोपी को भीड़ ने छुड़ाया

Mob Attacked: दिल्ली पुलिस की एक टीम उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में छिपे धोखाधड़ी के आरोपी के पकड़ने गई थी। आरोपी को लेकर दिल्ली लौटते समय भीड़ ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया। इस दौरान बलपूर्वक आरोपी को छुड़ा लिया।

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Mob Attacked: छापेमारी के दौरान दिल्ली पुलिस टीम पर हमला, धोखाधड़ी के आरोपी को भीड़ ने छुड़ाया

प्रतीकात्मक फोटोः सोशल मीडिया

Mob Attacked: दिल्ली पुलिस की टीम पर यूपी के बुलंदशहर में भीड़ ने उस समय हमला कर दिया, जब वह कारपोरेट धोखाधड़ी के आरोपी को पकड़ने गई थी। दिल्ली पुलिस का कहना है कि लोकल पुलिस के साथ छापेमारी कर आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया। इसके बाद जब उसे दिल्ली लाया जाने लगा, उसी समय करीब एक दर्जन गांव वाले मौके पर पहुंच गए। इसमें ज्यादातर महिलाएं शामिल थीं। उन्होंने पुलिस टीम पर हमला कर दिया और आरोपी को छुड़ा लिया। हालांकि इस हमले में कोई भी पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ है।

अदालत के आदेश पर पुलिस ने की छापेमारी

दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल कुलदीप और हरीकेश के अनुसार, मंगलवार को वह कॉर्पोरेट धोखाधड़ी के आरोपी सुभाष कुमार को दिल्ली की एक अदालत ने भगोड़ा घोषित कर उसका गिरफ्तारी वारंट जारी किया था। इसी सिलसिले में वह यूपी के बुलंदशहर जिले के माधवगढ़ गांव पहुंचे थे। जहां उन्होंने खानपुर थाना पुलिस की मदद से छापेमारी करते हुए आरोपी सुभाष कुमार को गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान जब वह सुभाष को लेकर दिल्ली लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक 8-9 लोगों की भीड़ ने पुलिस पर हमला कर दिया।

कानूनी कार्रवाई और पुलिस का अभियान

इस भीड़ में पुरुषों के साथ-साथ महिलाएं भी शामिल थीं। डीसीपी साउथ अंकित चौहान ने बताया कि हमलावरों ने सुभाष को छुड़ाने के लिए बल का प्रयोग किया और उसे लेकर फरार हो गए। हालांकि, इस झड़प में कोई पुलिसकर्मी घायल नहीं हुआ। घटना के तुरंत बाद, खानपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुभाष और 12 अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया। उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, दंगा करने और पुलिस पर हमला करने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। डिप्टी एसपी प्रखर पांडे ने बताया कि दिल्ली पुलिस की शिकायत के आधार पर केस दर्ज हुआ है और जल्द ही सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। फिलहाल, गांव में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। लेकिन हमले के बाद से सुभाष कुमार और अधिकांश आरोपी फरार हो चुके हैं।

सुभाष कुमार पर आरोप क्या हैं?

सुभाष कुमार साल 2016 से एक निजी कंपनी से जुड़े कॉर्पोरेट धोखाधड़ी के मामले में वांछित चल रहा था। अदालत द्वारा भगोड़ा घोषित होने के बाद उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था। दिल्ली पुलिस और स्थानीय यूपी पुलिस की संयुक्त टीम ने सटीक जानकारी पर कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया था, लेकिन गांव वालों की साजिश और हमले के चलते पुलिस को खाली हाथ लौटना पड़ा। पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे खानपुर थाने के सब-इंस्पेक्टर सिद्धार्थ राणा ने बताया कि सुभाष के रिश्तेदारों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर हमला किया और पुलिस के कब्जे से उसे छुड़ा लिया।

दिल्ली पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि वे उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ निरंतर संपर्क में हैं और आरोपी की तलाश में हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। इस घटना ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर जब एक भगोड़े को बचाने के लिए ग्रामीण कानून के खिलाफ जाकर हिंसा पर उतर आए। पुलिस ने कहा कि इस तरह की घटनाओं को पर सख्त कदम उठाए जाएंगे और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले में भी पुलिस पूरी सख्ती से कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।