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‘जवान’ होगा मोदी मंत्रिमंडल, नवीन की टीम में भी युवाओं को मौका

पश्चिम बंगाल और असम में शानदार चुनावी सफलता के बाद भारतीय जनता पार्टी सत्ता व संगठन को और संतुलित करने की कवायद में लगी है। जानकार सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून के दूसरे सप्ताह तक अपने तीसरे कार्यकाल का पहला मंत्रिमंडल फेरबदल कर सकते हैं वहीं चार माह पहले भाजपा अध्यक्ष बनने वाले नितिन नवीन अपनी नई टीम (राष्ट्रीय कार्यकारिणी) की घोषणा कर सकते हैं। नवीन की नई टीम बनाने की कवायद लगभग पूरी हो चुकी है वहीं मंत्रिमंडल फेरबदल के लिए मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा और भविष्य की राजनीतिक आवश्यकताओं के गुणा-भाग का आकलन किया जा रहा है।

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Modi Government Reshuffle

BJP संगठन और मोदी कैबिनेट में होगा फेरबदल (Photo-Patrika)

अभिषेक सिंघल

नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल और असम में शानदार चुनावी सफलता के बाद भारतीय जनता पार्टी सत्ता व संगठन को और संतुलित करने की कवायद में लगी है। जानकार सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जून के दूसरे सप्ताह तक अपने तीसरे कार्यकाल का पहला मंत्रिमंडल फेरबदल कर सकते हैं वहीं चार माह पहले भाजपा अध्यक्ष बनने वाले नितिन नवीन अपनी नई टीम (राष्ट्रीय कार्यकारिणी) की घोषणा कर सकते हैं। नवीन की नई टीम बनाने की कवायद लगभग पूरी हो चुकी है वहीं मंत्रिमंडल फेरबदल के लिए मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा और भविष्य की राजनीतिक आवश्यकताओं के गुणा-भाग का आकलन किया जा रहा है। कवायद से जुड़े पार्टी नेताओं का मानना है कि सत्ता व संगठन दोनों स्तरों पर युवाओं को प्राथमिकता दी जा सकती है। दीर्घकालीन राजनीति, नेतृत्व क्षमता को देखते हुए मोदी मंत्रिमंडल और जवान हो सकता है यानी भविष्य के नेतृत्व के लिए युवाओं को मौका देकर मंत्रिमंडल की मौजूदा औसत आयु 58 साल को और कम किया जा सकता है। सूत्रों ने बताया कि वैसे तो 72 सदस्यीय मोदी कैबिनेट में संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार नौ और मंत्री बनाए जा सकते हैं लेकिन नेतृत्व इस आकार को मौजूदा स्तर पर ही बनाए रखना चाहता है।

मोदी 3.0 सरकार में पिछले दो साल में कैबिनेट में कोई फेरबदल नहीं हुआ है। पीएम मोदी का पिछला पैटर्न देखें तो पहले कार्यकाल (2014-19) में सरकार गठन के करीब छह महीने बाद नवंबर 2014 में पहला विस्तार किया था। इसके बाद जुलाई 2016 और सितंबर 2017 में फेरबदल हुए। दूसरे कार्यकाल (2019-24) में जुलाई 2021 में बड़ा विस्तार हुआ था, जबकि मई 2023 में विभागीय फेरबदल किए गए थे।

संगठन में ज्यादा होंगे नए चेहरे, महिलाओं को मौका

भाजपा अध्यक्ष नितिन नवीन की नई टीम में बड़े पैमाने पर नए चेहरों को अवसर दिए जा सकता है और लगभग 70 प्रतिशत पदाधिकारियों की उम्र 50 वर्ष से कम हो सकती है। पार्टी पुराने और अनुभवी नेताओं के साथ नई पीढ़ी को भी संतुलित प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम कर रही है। करीब 30 प्रतिशत पुराने नेताओं को बरकरार रखते हुए प्रदेश स्तर पर सक्रिय कई नेताओं को सीधे राष्ट्रीय राजनीति में लाने की तैयारी है। संगठन महामंत्री बीएल संतोष और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों से संभावित नामों पर चर्चा हो चुकी है। नारी शक्ति वंदन कानून की पृष्ठभूमि में भाजपा नई टीम में 33 प्रतिशत से ज्यादा महिलाओं को जगह दे सकती है।

इन्हें मिल सकता है मौका

नई कार्यकारिणी में 13 राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, 9 राष्ट्रीय महामंत्री और 15 राष्ट्रीय मंत्रियों, कोषाध्यक्ष की नियुक्ति हो सकती है। अनुराग ठाकुर, तेजस्वी सूर्या, अन्नामलै, बांसुरी स्वराज, पूनम महाजन, स्मृति ईरानी, विप्लव देव, सतीश पूनिया, वी.मुरलीधरन और लॉकेट चटर्जी सहित पहली बार सांसद बने कुछ चेहरे शामिल हो सकते हैं। कुछ विधायक भी जगह पा सकते हैं। सुनील बंसल, विनोद तावड़े और तरुण चुघ जैसे मौजूदा पदाधिकारियों के बने रहने की संभावना है।

मंत्री पद का फार्मूला: परफॉर्मेंस, राज्य संतुलन व फीड बैक

सूत्रों ने बताया कि मंत्रिमंडल फेरबदल में मौजूदा मंत्रियों की परफॉर्मेंस व प्रदेश से फीड बैक तथा नए मंत्रियों के लिए उम्र, कार्यक्षमता, भविष्य का नेतृत्व तथा उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में आसन्न विधानसभा चुनाव को देखते हुए संतुलन को आधार बनाया जा सकता है। रिपोर्ट कार्ड के आधार पर कुछ मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाने के साथ ही कुछ को संगठन में भी भेजा जा सकता है। सूत्र बताते हैं कि कैबिनेट के बिग-4, यानी कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस), में शामिल रक्षा, गृह, वित्त एवं विदेश मंत्री यथावत रह सकते हैं वहीं उत्तर प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों का प्रतिनिधित्व बढ़ सकता है। गत दिसंबर में उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बनने के बाद दोहरी जिम्मेदारी निभा रहे वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी को मंत्री पद से मुक्त किया जा सकता है। साथ ही एक से ज्यादा बड़े मंत्रालयों का जिम्मा संभाल रहे कैबिनेट मंत्रियों का भार कुछ कम किया जा सकता है। फिलहाल 15 कैबिनेट मंत्रियों के पास एक से अधिक मंत्रालय हैं।

मोदी 3.0 कैबिनेट की औसत आयु 58 साल

-36 साल के राममोहन सबसे युवा,

-80 साल के मांझी सबसे बुजुर्ग मंत्री

-17 मंत्री: 35-50 साल के

-47 मंत्री: 51 से 70 साल के

-7 मंत्री: 71 से 80 साल के

हर कार्यकाल में जवान होता मंत्रिमंडल

-2014 में औसत आयु - 62 साल

-2019 में औसत आयु - 60 साल

-2024 में औसत आयु - 58 साल