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Delhi: बाल विवाह एक अपराध है, इसे बनाएंगे इतिहास : स्मृति ईरानी, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री

कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन (KSCF) द्वारा सोमवार को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में ‘नेशनल कंसल्टेशन ऑन चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया’ कार्यक्रम का आयोजन हुआ। इस कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। वहीं, नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी ने इस कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस कार्यक्रम में भारत को बाल विवाह मुक्त भारत बनाने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को लेकर विचार-विमर्श हुआ।

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Delhi: बाल विवाह एक अपराध है, इसे बनाएंगे इतिहास : स्मृति ईरानी

कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन द्वारा सोमवार को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित ‘नेशनल कंसल्टेशन ऑन चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया’ कार्यक्रम में  केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी मुख्य अतिथि के रूप में हुईं शामिल।

कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन (KSCF) द्वारा सोमवार को दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में आयोजित ‘नेशनल कंसल्टेशन ऑन चाइल्ड मैरिज फ्री इंडिया’ कार्यक्रम में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो के साथ 14 राज्यों के बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्षों व उनके प्रतिनिधियों और 100 से ज्यादा स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का उद्घाटन बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने वाली बच्चियों ने केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी और कैलाश सत्यार्थी के साथ दीप जलाकर किया। केएससीएफ के अनुसार इन बच्चियों ने न केवल खुद का बल्कि दूसरों का भी बाल विवाह रुकवाया है।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि बाल विवाह एक अपराध है और हमें इसे पूरी तरह से खत्म करना होगा। हमारा लक्ष्य होना चाहिए कि हम इसे मौजूदा 23 फीसदी से शून्य फीसदी पर ले आएं। हम बाल विवाह को इतिहास बनाएंगे। सरकार इसके लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई में कैलाश सत्‍यार्थी के प्रयासों की चर्चा करते हुए कहा कि वह जमीनी स्‍तर पर काम करने वाले व्यक्ति हैं। कोविड-19 के दौरान अनाथ बच्‍चों के लिए कैलाश सत्यार्थी ने सरकार के साथ मिलकर काम किया। जब सरकार ऐसे बच्‍चों की तलाश कर उनके पुनर्वास का प्रयास कर रही थी। तब कैलाश सत्‍यार्थी ने ऐसे बहुत सारे बच्चों को खोज निकाला।

'बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को खत्म करने के लिए सभी को होना होगा एकजुट'

केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा कि बाल विवाह रोकने के लिए कानून अपना काम कर रहा है, लेकिन लोगों को इसके लिए सरकार के साथ आना होगा। बाल विवाह के खिलाफ लड़ाई में पुरुषों को भी साथ लाना होगा। भारत से बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार, सभी स्वयंसेवी संगठनों और लोगों को एकजुट होकर काम करना होगा। हमें कैलाश सत्‍यार्थी जैसे और लोगों को गढ़ना होगा ताकि इस सामाजिक बुराई को खत्म करने में तेजी आ सके।

'2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त बनाया जाए'

वहीं, प्रोग्राम में कैलाश सत्यार्थी ने कहा कि हम बाल विवाह को सामाजिक बुराई और कानूनी अपराध के अलावा मानव स्वतंत्रता, अस्मिता, सामाजिक नैतिकता, समानता और समावेशिता पर एक क्रूर प्रहार मानते हैं। हमें एक देश के रूप में, पीड़ितों को वित्तीय सहायता, कानूनी सहायता और पुनर्वास प्रदान करने के लिए सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता है। बच्चों, खासकर लड़कियों, की शिक्षा को बढ़ावा देते हुए सरकार और सभी राजनीतिक दलों से मांग करेंगे कि मुफ्त अनिवार्य शिक्षा की आयु सीमा बढ़ाकर 18 साल की जाए। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि देश में 20 से 24 वर्ष की उम्र की 23 फीसदी से ज्यादा ऐसी महिलाएं हैं। जिनकी शादी 18 वर्ष की उम्र से पहले बाल विवाह कर दिया गया। हमारा लक्ष्य है कि साल 2025 तक इसमें 10 फीसदी की कमी लाई जाए और 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त बनाया जाए।

'बाल विवाह रोकने के लिए बनी विशेष कार्य योजना'

कैलाश सत्यार्थी चिल्ड्रेन्स फाउंडेशन के अनुसार बाल विवाह रोकने के लिए आयोजित हुई राष्ट्रीय परिचर्चा कार्यक्रम में बाल विवाह वाले देशभर के 250 से ज्यादा संवेदनशील जिलों में बाल विवाह रोकने के लिए विशेष कार्ययोजना भी बनी है। कैलाश सत्‍यार्थी ने बीते साल 16 अक्टूबर को बाल विवाह मुक्त भारत आंदोलन की शुरुआत की थी, जिसका लक्ष्य 2030 तक देश से बाल विवाह खत्म करना है। केएससीएफ के अनुसार यह जमीनी स्‍तर पर बाल विवाह के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा आंदोलन है। इसमें देशभर के 10 हजार से ज्यादा गांवों में 75 हजार से ज्यादा महिलाओं ने बाल विवाह के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए मशाल जुलूस निकाला था।