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किडनी उपचार पर जामिया हमदर्द विवि का नया अध्ययन, दिखा बेहतर प्रभाव

विश्व किडनी दिवस आजः आरओएस कम कर किडनी के लिए उपयोगी बनी नीरी केएफटीः अध्ययन

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किडनी उपचार पर जामिया हमदर्द विवि का नया अध्ययन, दिखा बेहतर प्रभाव

किडनी उपचार पर जामिया हमदर्द विवि का नया अध्ययन, दिखा बेहतर प्रभाव

किडनी के मरीजों की बढ़ती समस्या के बीच इसके मरीजों के लिए एक राहत भरी खबर आई है। वैज्ञानिक शोध प्रकाशन फार्मास्युटिकल बायोलॉजी में प्रकाशित एक शोध में बताया गया है कि आयुर्वेद फार्मूले गंभीर गुर्दा रोगों में असरदार साबित हुए हैं। इनमें पाए जाने वाले एंटी आक्सीडेंट तत्व गुर्दे की कोशिकाओं में मौजूद विषाक्त द्रव्यों जैसे प्रतिक्रियाशील आक्सीजन प्रजातियों (आरओएस) के प्रभाव को तेजी से कम करती हैं।

यह अध्ययन जामिया हमदर्द विवि के शोद्यार्थियों ने किया है जिसके अनुसार अगर किसी मरीज को नीरी केएफटी दवा दी जाए तो उसके शरीर में किडनी की कोशिकाओं में मौजूद विषैले द्रव्यों को तेजी से बाहर निकालती है और उक्त मरीज की किडनी को फेल होने से भी बचाती है। इससे पहले इंडो अमेरिकन जर्नल ऑफ फॉर्मास्युटिकल रिसर्च में प्रकाशित शोध ने नीरी केएफटी के जरिए क्रिएटिनिन, यूरिया व प्रोटीन को नियंत्रित कर किडनी उपचार में असर की पुष्टि की थी।

किडनी दिवस की शुरूआत वर्ष 2006 में हुई। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य लोगों को किडनी संबंधी रोगों के प्रति जागरूक करना और इसके इलाज के लिए प्रेरित करना है। इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ किडनी डिसीजेस और इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ नेफ्रोलॉजी ने लोगों में किडनी संबंधी बीमारियों के लगातार बढ़ते प्रकोप को देख कर यह दिवस मनाने का निर्णय लिया। यह प्रत्येक वर्ष मार्च माह के दूसरे गुरूवार को मनाया जाता है। देश में हर साल लाखों लोग किडनी की बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। इस फार्मूले में पुनर्नवा, गोखरू, वरुण, पत्थरूपरा, पाषाणभेद, कासनी और पलाश के फूलों से मिलकर तैयार किया गया है।

जामिया हमदर्द विवि के शोद्यार्थियों के अनुसार किडनी मरीजों के उपचार में प्रतिक्रियाशील आक्सीजन प्रजातियां यानि आरओएस को नियंत्रित करना बहुत जरूरी होता है क्योंकि इन्हीं की वजह से किडनी को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचता है। उन्होंने बताया कि इस अध्ययन में पुनर्नवा, वरुण, रेवंड चीनी व कमल चार औषधियों को शामिल किया। शोध के दौरान नौ समूहों को आठ दिन तक अलग-अलग उपचार दिया। इस दौरान पता चला कि जिस समूह को नीरी केएफटी दी जा रही थी उनमें आरओएस की मात्रा सबसे जल्दी नियंत्रण में आई है।