
अनुराग मिश्रा
नई दिल्ली राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने मंगलवार को चार राज्यों के अलग अलग ठिकानों पर छापेमारी की। एनआइए की कई टीमों ने बेंगलुरु के रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट केस के सिलसिले में अलग अलग राज्यों के 11 ठिकानों पर छापा मारा।
ग़ौरतलब है कि हाल ही में इस मामले में दो अभियुक्तों को पश्चिम बंगाल से गिरफ़्तार किया गया था। इन दोनों से पूछताछ में मिली जानकारी के बाद इस पूरे मामले की तह में जाने के लिए छापेमारी की गई। सुराग़ के आधार पर की गई छापेमारी में कई अहम सबूत मिले हैं।
छापेमारी में रामेश्वरम् कैफ़े ब्लास्ट से जुड़े अन्य अभियुक्तों की पहचान, उनकी धर पकड़ के लिए की गई। साथ साथ ब्लास्ट के पीछे विदेशों में बैठे इन आतंकवादियों के आकाओं की पहचान करना भी मक़सद था।
रामेश्वरम कैफे ब्लास्ट की साज़िश रचने वाले और इसे अंजाम देने वाले 11 (ग्यारह) आतंकियों की तलाश के लिए राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने छापेमारी की। आप इन्हें 11 अभियुक्तों से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की गई इन जगहों की सघन तलाशी ली गई। इन ठिकानों पर छापेमारी के दौरान छिपाकर रखे गए कई डिजिटल डिवाइस सिम कार्ड और दस्तावेज़ बरामद किए गए। जिनकी जाँच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ही टीमें कर रही है। कर्नाटक के बेंगलुरू में इसी साल एक मार्च को रामेश्वरम कैफ़े में IED के ज़रिए ब्लास्ट किया गया था।
कर्नाटक पुलिस के इंटेलिजेंस विंग, पश्चिम बंगाल पुलिस तेलंगाना पुलिस और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण की इंटेलिजेंस विंग के संयुक्त अभियान में पश्चिम बंगाल से मुसाविर हुसैन शाहजिब और अब्दुल मतीन ताहा नाम के 2 अभियुक्तों को गिरफ़्तार किया गया था। राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने इन दोनों को इसी साल 12 अप्रैल को पश्चिम बंगाल से गिरफ़्तार किया था। दोनों फ़र्ज़ी पहचान पत्र के ज़रिये पश्चिम बंगाल में रह रहे थे। दोनों ही कर्नाटक के थिरताहल्ली और शिवामोगा ज़िले के रहने वाले हैं।
Published on:
21 May 2024 08:52 pm

बड़ी खबरें
View Allनई दिल्ली
दिल्ली न्यूज़
ट्रेंडिंग
