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10 लाख से अधिक के लग्जरी प्रोडक्ट पर लगेगा एक फीसदी टीसीएस

आदेश: सीबीडीटी ने जारी की अधिसूचना

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नई दिल्ली. अगर आप दस लाख रुपए से ज्यादा कीमत वाला हैंडबैग, कलाई घड़ी, जूते और स्पोट्र्सवियर (खेल-कूद के दौरान पहनने वाले उत्पाद) जैसे लग्जरी सामान खरीदते हैं तो आपको एक प्रतिशत टीसीएस (स्रोत पर कर संग्रह) देना होगा। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने इस संबंध में 22 अप्रेल को अधिसूचना जारी की है। केंद्र सरकार ने बजट के दौरान लग्जरी (विलासिता वाली) वस्तुओं के लिए टीसीएस प्रावधान वित्त अधिनियम, 2024 के तहत लागू करने का प्रस्ताव दिया था। इसे लागू कर दिया गया है।सीबीडीटी की ओर से जारी अधिसूचना में बताया गया कि दुकानदार 10 लाख से अधिक की खरीद पर ग्राहक से 1 फीसदी टैक्स वसूल करेगा। ग्राहक की ओर से टीसीएस जमा करने के बाद इसे खरीदार के पैन में जमा करने की जिम्मेदारी दुकानदार की होगी। खरीदार इसका उपयोग टैक्स क्रेडिट का दावा करने और आइटीआर फाइलिंग में कम टैक्स चुकाने के लिए कर सकता है। यह उसी तरह है जैसे नियोक्ता वेतन से टीडीएस काटता है और इसे कर्मचारी के पैन नंबर के साथ जमा करता है। अगर टैक्स देनदारी टीसीएस राशि से कम है, तो आइटीआर में रिफंड का दावा किया जा सकेगा।

ये सामान होंगे शामिल

1. कलाई पर बांधने वाली लग्जरी घड़ी

2. एंटीक पीस जैसे पेंटिंग्स और मूर्तियां

3. कलेक्शन की चीजें जैसे सिक्के, डाक टिकट

4. लग्जरी यॉट, रोइंग बोट, कैनो, हेलीकॉप्टर

5. लग्जरी धूप का चश्मा

6. लग्जरी हैंडबैग, पर्स

7. लग्जरी जूते

8. खेल का सामान जैसे गोल्फ किट, स्की वियर

9. होम थिएटर सिस्टम

10 पोलो या रेस क्लब के लिए घोड़े खरीदना

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