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बांग्लादेशी घुसपैठियों को तलाश कर देश से बाहर निकालने सुप्रीम कोर्ट में याचिका

ऐसे घुसपैठियों की मदद करने और पहचान पत्र बनवाने वालों पर एनएसए लगाया जाए और संपत्ति जब्त हो

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बांग्लादेशी घुसपैठियों को तलाश कर देश से बाहर निकालने सुप्रीम कोर्ट में याचिका

बांग्लादेशी घुसपैठियों को तलाश कर देश से बाहर निकालने सुप्रीम कोर्ट में याचिका

पश्चिम बंगाल में मौजूद बांग्लादेशी घुसपैठियों और अवैध रोहिंगिया शरणार्थियों को एक साल के अंदर पहचान कर निर्वासित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई है। इसमें यह मांग भी की गई है कि ऐसे लोगों की भारत में आने या पहचान पत्र आदि बनवाने में मदद करने वालों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत कार्रवाई की जाए।

सुप्रीम कोर्ट में यह याचिका मानवाधिकार कार्यकर्ता संगीता चक्रवर्ती की और से वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय ने लगाई है। याचिका में कहा गया है कि पश्चिं बंगाल की राज्य सरकार और केंद्र सरकार को निर्देश दिया जाए कि एक साल के अंदर से तमाम घुसपैठियों की तलाश कर, उन्हं हिरासत में लिया जाए और देश से निर्वासित किया जाए।

याचिका में इस स्थिति के लिए जिम्मेवार लोगों को दंडित करने की मांग की गई है। साथ ही ऐसे दोषियों को सजा दे कर भविष्य में ऐसी स्थिति से बचाव की व्यवस्था करने को भी कहा गया है। इसमें मांग की गई है कि ऐसे अवैध घुसपैठियों की मदद करने वाले सरकारी कर्मचारी, पुलिस कर्मी, सशस्त्र बलों के कर्मियों की पहचान की जाए और उनकी सपत्ति को जब्त किया जाए।

ऐसे लोगों के साथ ही उन ट्रैवल एजेंट या दलालों के खिलाफ भी खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगाने की सिफारिश की गई है, जिन्होंने राशन कार्ड, आधार कार्ड, पैन कार्ड या वोटर कार्ड बनाने में इनकी मदद की हो। ऐसे लोगों की भी पूरी अवैध संपत्ति को जब्त करने का प्रावधान करने की अपील की गई है।

ऐसे मामलों पर आसानी से कार्रवाई हो सके इसे सुनिश्चित करे के लिए याचिकाकर्ता ने मांग की है कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) में इसके लिए प्रावधान किया जाए। अवैध तरीके से देश में घुसने के अपराध को संज्ञेय और गैर जमानती घोषित किया जाए।

इसमें कहा गया है कि विधि आयोग की 175वीं रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि अवैध घुसपैठिए लोकतंत्र और देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा हैं। याचिका में दावा किया गया है कि पश्चिं बंगाल में हुए ताजा विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में हिंसा बहुत बढ़ गई है और इसमें रोहिंगिया और बांग्लादेशी घुसपैठियों का हाथ है। ये लोग लगातार मारपीट और लूट-पाट की घटनाओं में शामिल हो रहे हैं। साथ ही हिंदू परिवारों को निशाना बना रहे हैं। इसमें हिंसा का शिकार हुए परिवारों का हवाला भी दिया गया है।