
नई दिल्ली। अब स्कूली बच्चे गणित, विज्ञान, अंग्रेजी के साथ-साथ यौन शिक्षा की भी पढ़ाई करेंगे। इस पाठ्यक्रम की शुरुआत खुद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करने जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी अगामी 14 अप्रैल को छत्तीसगढ़ के बीजापुर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना 'आयुष्मान भारत' के तहत इसकी शुरुआत करेंगे। इस पाठ्यक्रम में बच्चों के जीवन से जुड़े कई पहलुओें को शामिल किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम में यौन और प्रजनन संबंधी स्वास्थ्य, यौन उत्पीड़न, गुड टच-बैड टच, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य, यौन संबंधों से होने वाले रोग, गैर संक्रामक रोग, चोट और हिंसा आदि जैसे विषय शामिल किए गए हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने तैयार किया पाठ्यक्रम
तकरीबन 22 घंटे का यह कार्यक्रम केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने संयुक्त रूप से तैयार किया है। इस पहल से देशभर के करीब 26 करोड़ किशोरों को फायदा मिलेगा। बताया जा रहा है कि स्कूल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत रोल प्ले और एक्टिविटी बेस्ड मॉड्यूल को बाद में कई चरणों में पूरे देश के स्कूलों में लागू किया जाएगा। इसके लिए खासतौर से प्रशिक्षित शिक्षकों और साथी एजुकेटर की मदद ली जाएगी। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, यह निर्देश दिए गए हैं कि हफ्ते में एक पीरियड इस कार्यक्रम के लिए हो। इसमें उपयुक्त तरीके से किशोरों से संबंधित समस्याओं के बारे में बताया जाएगा। अधिकारी का यह भी कहना है कि शुरुआत में कक्षा 9 से कक्षा 12वीं तक के छात्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इसके बाद इससे नीचे क्लास के छात-छात्राओं को भी शामिल किया जाएगा। इस पाठ्यक्रम को पढ़ाने के लिए हर स्कूल के दो शिक्षकों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा
आपको बतादें कि यूपीए सरकार ने भी स्कूलों में इसी तरह का कार्यक्रम शुरू किया गया था। लेकिन, साल 2005 में भाजपा नेता और वर्तमान में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू की अध्यक्षता वाली राज्यसभा की समिति ने इसकी आलोचना की थी। उन्होंने उस वक्त इसे चालाकी भरी मीठी भाषा बताया था। हालांकि, सरकार की इस पहल से स्कूली छात्र और छात्राओं को एक नई जानकारी मिलेगी।
Updated on:
13 Apr 2018 05:59 pm
Published on:
13 Apr 2018 05:41 pm
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