वैज्ञानिकों का कहना है कि दीवाली की वजह से प्रदूषण का स्तर चरम पर है। इसका अंतिम डाटा आने में एक-दो दिन लगेगा, लेकिन स्थिति चिंताजनक है। डीपीसीसी के अधिकारियों का कहना है कि सभी तरह के जागरूकता कार्यक्रमों के बावजूद लोगों ने पटाखे छोडऩे से परहेज नहीं किया। हर साल की भांति इस बार भी जमकर पटाखे छोड़े। इसका असर आगामी कुछ दिनों में ज्यादा दिखेंगा। उन्होंने कहा कि सोमवार सुबह के समय दिल्ली में जो कोहरा नजर आया वह पटाखों से होने वाला प्रदूषण था, जो कोहरे की चादर के रूप में मॉर्निंग वाक करने वालों व ड्यूटी पर जाने वालों को दिखा। मेट्रो में बैठे यात्रियों को कुछ दूरी के बाद सफेद चादर के अलावा कुछ भी नजर नहीं आया।