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चांद पर ‘झाड़ू’ लगाने की तैयारी, नासा सैंपल लाने के लिए भेजेगा अनोखा वैक्यूम क्लीनर

जय विज्ञान : बदल देगा ग्रहों पर मिट्टी और चट्टान के नमूने एकत्र करने के तरीके

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न्यूयॉर्क. अमरीकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा चांद पर अनोखा वैक्यूम क्लीनर भेज रही है। इसे लूनर प्लैनेटवैक (एलपीवी) नाम दिया गया है। एलपीवी मिशन 15 जनवरी को लॉन्च किया जाएगा। यह चांद पर संसाधनों की खोज और भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों के लिए उपयोगी होगा।

नासा के वैज्ञानिकों का कहना है कि एलपीवी चांद के साथ अन्य ग्रहों पर मिट्टी और चट्टान के नमूने एकत्र करने के तरीके बदल देगा। ब्लू ओरिजिन की कंपनी हनीबी रोबोटिक्स द्वारा विकसित एलपीवी हाई-टेक वैक्यूम क्लीनर की तरह काम करेगा। इसे चांद की सतह से मिट्टी और चट्टान के सैंपल इक_ा करने के लिए बनाया गया है। नासा के मुताबिक एलपीवी कुछ सेकंड में सैंपल एकत्रित कर सकता है। चांद पर इसे भेजने का मकसद उसकी सतह से नमूने इक_ा कर उनका अध्ययन करना है। यह यंत्र दबाव वाली गैस का उपयोग कर मिट्टी और धूल को खींचकर कंटेनर में जमा करेगा।

14 दिन का मिशन

एलपीवी मिशन चांद पर 14 दिन चलेगा। अगर यह सफल रहता है तो इस तकनीक को भविष्य के मिशनों में शामिल किया जाएगा। ब्लू घोस्ट लैंडर के साथ एलपीवी चांद पर सूर्यास्त के दृश्य भी कैप्चर करेगा। मिशन नासा के आर्टेमिस प्रोग्राम का हिस्सा है, जिसका लक्ष्य चंद्रमा पर लंबे समय तक उपस्थिति बनाए रखना और सैंपल वापस लाना है।

कोई यांत्रिक भुजा नहीं

नासा के मार्शल स्पेस फ्लाइट सेंटर के वैज्ञानिक डेनिस हैरिस ने बताया कि एलपीवी में कोई यांत्रिक भुजा नहीं है। यह वैक्यूम क्लीनर की तरह काम करता है। इस यंत्र का इस्तेमाल नासा चांद पर पानी, हीलियम और अन्य महत्त्वपूर्ण संसाधनों की खोज के लिए करेगा।