scriptPreventative Health Test Must To Take At 30s | Health Tips: 30 की उम्र में ना करें स्वास्थ्य की अनदेखी, कराएं ये आवश्यक टेस्ट | Patrika News

Health Tips: 30 की उम्र में ना करें स्वास्थ्य की अनदेखी, कराएं ये आवश्यक टेस्ट

Health Tips: इस उम्र में बहुत सी जिम्मेदारियों और मानसिक तनाव के बीच जीवन के अन्य कार्यों में संतुलन बनाना मुश्किल हो जाता है। जिसका काफी असर हमारी सेहत पर भी पड़ता है। इसी कारण से स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस उम्र में कुछ आवश्यक टेस्ट कराने की सलाह देते हैं।

नई दिल्ली

Updated: October 26, 2021 07:53:12 pm

नई दिल्ली। Health Tips: एक व्यक्ति के जीवन में 30 की उम्र एक ऐसा पड़ाव होता है, जब वह व्यक्तिगत तथा पेशेवर दोनों रूपों में कई जिम्मेदारियों तले दबा होता है। इस उम्र में तथा आने वाले वर्षों के दौरान, हमारे पास अक्सर मज़ेदार गतिविधियों के लिए पर्याप्त समय नहीं होता है तथा साथ ही हम हमारे मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर उतना ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते। जिससे तनाव और चिंता हम पर हावी होने लगते हैं। अपने स्वास्थ्य के प्रति एक सक्रिय दृष्टिकोण आपको कई आगामी परेशानियों से बचा सकता है।

important_tests.jpg

मेडिकल टेस्ट डायग्नोस्टिक स्क्रीनिंग टेस्ट होते हैं, जिन्हें आप किसी भी लक्षण को पहचानने अथवा बीमार महसूस करने से पहले ले सकते हैं। नियमित टेस्ट कराने से आप किसी भी संभावित खतरे के संकेत का पता लगाकर शीघ्र ही उपचार करवा सकते हैं। इसे 'निवारक देखभाल' कहा जाता है, जो जीवन बचा सकती है। तो आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही टेस्ट के बारे में जो इस उम्र में आपको अवश्य करवाने चाहिए...

1. ब्लड प्रेशर टेस्ट
खानपान, काम अथवा व्यक्तिगत तनाव जैसे कई कारकों से रक्तचाप आसानी से प्रभावित हो सकता है। एक स्वस्थ व्यक्ति का सिस्टोलिक रक्तचाप 90 तथा 120 मिलीमीटर के मध्य होता है। हमारा ब्लड प्रेशर पूरे दिन एवं हमारे जीवन के विभिन्न चरणों में बदलता रहता है। इसलिए इसका सबसे अच्छा तरीका यह है कि, आप अपने डॉक्टर को यह तय करने दें कि आपकी वर्तमान ब्लड प्रेशर रीडिंग सामान्य है या नहीं। और अगर सामान्य नहीं है, तो आपको बार-बार रक्तचाप की जांच करवाने के साथ दवाएं भी लेनी पड़ सकती हैं।

blood_pressure.jpgयह भी पढ़ें:

2. ह्रदय संबंधी मेडिकल चेक अप

3. कोलेस्ट्रोल ब्लड टेस्ट
आपके रक्त में कोलेस्ट्रॉल लेवल आपके दिल तथा पूरे स्वास्थ्य से अत्यधिक सहसंबद्ध होता है। अगर आपको मधुमेह नहीं है, आपका वजन भी सही है अथवा शारीरिक रूप से फिट दिखते हैं, तब भी बहुत से लोगों में खराब कोलेस्ट्रॉल या बढ़े हुए एलडीएल स्तर की शिकायत हो सकती है। जिसके अनियंत्रित रहने पर आपके हृदय स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
लिपिड प्रोफाइल नामक टेस्‍ट आपके ह्रदय के स्वास्थ्य को मापने के लिए किया जाता है, जो कि एक बिल्कुल सही संकेतक माना जाता है। यह ब्‍लड टेस्‍ट, टोटल कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स, एचडीएल और एलडीएल के लेवल को मापने के लिए किया जाता है। यदि आप ओबीज की श्रेणी में आते हैं या आपके परिवार में किसी को भी मधुमेह अथवा हृदय रोग है, तो आपको वर्ष में एक दफा तो इस टेस्‍ट को अवश्य करवाना चाहिए।
4. कैंसर स्क्रीनिंग
ऑन्कोलॉजी समुदाय द्वारा पुरुष तथा महिला दोनों के लिए अनुशंसित कई कैंसर की जांचें हैं, जिन्हें आप अपने 30 और 40 के दशक में करवा सकते हैं। एक पैप स्मीयर टेस्ट महिलाओं के गर्भाशय ग्रीवा में पूर्व कैंसर के परिवर्तनों को तलाशता है। इस टेस्ट को कम से कम हर 5 साल में किया जाना चाहिए। वहीं पुरुषों के लिए, प्रोस्टेट कैंसर स्क्रीनिंग टेस्ट होता है, जो प्रोस्टेट कैंसर के विकास के खतरे को निर्धारित करने
में सहायक है। और इस टेस्ट को भी हर 2-3 साल में करने की जरूरत है।
महिलाओं को अपनी रूटीन चैकअप के साथ-साथ स्तन जांच को अपनी वार्षिक चिकित्सा जांच का हिस्सा बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए। वैसे सामान्य तौर पर, 40 साल से कम उम्र की महिलाओं को मैमोग्राम कराने की सलाह नहीं दी जाती है। इस परीक्षण द्वारा स्तन कैंसर का जल्द पता लगाने में मदद मिलती है, जिससे समय पर इसका इलाज शुरू किया जा सके।
इसके अलावा, स्किन कैंसर की जांच के लिए पूर्ण शरीर की जांच भी महत्वपूर्ण है। यदि आप अपने 30 के दशक के मध्य में हैं, इसे जितनी बार संभव हो दोहराया जाना चाहिए, क्योंकि मेलेनोमा कैंसर के सबसे सामान्य प्रकारों में से एक है।


इस आयु के लोग दिल से संबंधित कई चिकित्सा परीक्षण कर सकते हैं। हालांकि यह आवश्यक नहीं कि, इसी आयु में आकर आपको अपने हृदय के स्वास्थ्य पर ध्यान देना चाहिए बल्कि, पहले से भी आप परीक्षण करवाना शुरू कर सकते हैं। विशेष रुप से तब तो यह बहुत आवश्यक हो जाता है यदि आपको किसी प्रकार का सीने में दर्द, दिल की धड़कन की अनियमितता या नाड़ी की गति, सीने में जकड़न आदि का अनुभव हो रहा है।

इसके लिए ईसीजी और इको परीक्षण है। एक ईसीजी परीक्षण आपके दिल से विद्युत संकेतों को मापता है, जबकि इको परीक्षण ध्वनि तरंगों द्वारा आपके दिल, इसकी संरचना और वास्तविक समय में किसी भी असामान्यता को देखता है। इस प्रकार के टेस्ट एक हृदय रोग विशेषज्ञ को यह पता लगाने की अनुमति देते हैं कि क्या आपको हृदय रोग विकसित होने का कोई खतरा है या नहीं। हालांकि इस प्रकार के टेस्ट वार्षिक रूप से दोहराए जाने चाहिए, चाहे रिजल्ट नॉर्मल हो। इसके अतिरिक्त हृदय स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए कुछ ब्लड टेस्ट हैं, जिन्हें कार्डियक रिस्क मार्कर कहा जाता है।

heart_tests.jpeg

3. कोलेस्ट्रोल ब्लड टेस्ट
आपके रक्त में कोलेस्ट्रॉल लेवल आपके दिल तथा पूरे स्वास्थ्य से अत्यधिक सहसंबद्ध होता है। अगर आपको मधुमेह नहीं है, आपका वजन भी सही है अथवा शारीरिक रूप से फिट दिखते हैं, तब भी बहुत से लोगों में खराब कोलेस्ट्रॉल या बढ़े हुए एलडीएल स्तर की शिकायत हो सकती है। जिसके अनियंत्रित रहने पर आपके हृदय स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

लिपिड प्रोफाइल नामक टेस्‍ट आपके ह्रदय के स्वास्थ्य को मापने के लिए किया जाता है, जो कि एक बिल्कुल सही संकेतक माना जाता है। यह ब्‍लड टेस्‍ट, टोटल कोलेस्ट्रॉल, ट्राइग्लिसराइड्स, एचडीएल और एलडीएल के लेवल को मापने के लिए किया जाता है। यदि आप ओबीज की श्रेणी में आते हैं या आपके परिवार में किसी को भी मधुमेह अथवा हृदय रोग है, तो आपको वर्ष में एक दफा तो इस टेस्‍ट को अवश्य करवाना चाहिए।

cholesterol.jpg

4. कैंसर स्क्रीनिंग
ऑन्कोलॉजी समुदाय द्वारा पुरुष तथा महिला दोनों के लिए अनुशंसित कई कैंसर की जांचें हैं, जिन्हें आप अपने 30 और 40 के दशक में करवा सकते हैं। एक पैप स्मीयर टेस्ट महिलाओं के गर्भाशय ग्रीवा में पूर्व कैंसर के परिवर्तनों को तलाशता है। इस टेस्ट को कम से कम हर 5 साल में किया जाना चाहिए। वहीं पुरुषों के लिए, प्रोस्टेट कैंसर स्क्रीनिंग टेस्ट होता है, जो प्रोस्टेट कैंसर के विकास के खतरे को निर्धारित करने में सहायक है। और इस टेस्ट को भी हर 2-3 साल में करने की जरूरत है।

महिलाओं को अपनी रूटीन चैकअप के साथ-साथ स्तन जांच को अपनी वार्षिक चिकित्सा जांच का हिस्सा बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए। वैसे सामान्य तौर पर, 40 साल से कम उम्र की महिलाओं को मैमोग्राम कराने की सलाह नहीं दी जाती है। इस परीक्षण द्वारा स्तन कैंसर का जल्द पता लगाने में मदद मिलती है, जिससे समय पर इसका इलाज शुरू किया जा सके।

इसके अलावा, स्किन कैंसर की जांच के लिए पूर्ण शरीर की जांच भी महत्वपूर्ण है। यदि आप अपने 30 के दशक के मध्य में हैं, इसे जितनी बार संभव हो दोहराया जाना चाहिए, क्योंकि मेलेनोमा कैंसर के सबसे सामान्य प्रकारों में से एक है।

cancer-screening-test.jpg

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Maharashtra Nagar Panchayat Election Result: 106 नगरपंचायतों के चुनावों की वोटों की गिनती जारी, कई दिग्‍गजों की प्रतिष्‍ठा दांव परOBC Reservation: ओबीसी राजनीतिक आरक्षण पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई, आ सकता है बड़ा फैसलाUP Election 2022: यूपी चुनाव से पहले मुलायम कुनबे में सेंध, अपर्णा यादव ने ज्वाइन की बीजेपीकेशव मौर्य की चुनौती स्वीकार, अखिलेश पहली बार लड़ेंगे विधानसभा चुनाव, आजमगढ के गोपालपुर से ठोकेंगे तालकोरोना के नए मामलों में भारी उछाल, 24 घंटे में 2.82 लाख से ज्यादा केस, 441 ने तोड़ा दमरोहित शर्मा को क्यों नहीं बनाया जाना चाहिए टेस्ट कप्तान, सुनील गावस्कर ने समझाई बड़ी बातखत्म हुआ इंतज़ार! आ गया Tata Tiago और Tigor का नया CNG अवतार शानदार माइलेज के साथकोरोना का कहर : सुप्रीम कोर्ट के 10 जज कोविड पॉजिटिव, महाराष्ट्र में 499 पुलिसकर्मी भी संक्रमित
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.