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प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रीय अधिवेशन में सेट किया भाजपा का 2024 का एजेंडा

- भाजपा के 370 और एनडीए के 400 पार जाने के लिए क्या करना होगा, कार्यकर्ताओं को दिया मंत्र - प्रधानमंत्री बोले- दुनिया का हर देश जानता है-आएगा मोदी ही, मैं तीसरा टर्म, सत्ता भोग के लिए नहीं मांग रहा - जून तक राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे नड्डा, राष्ट्रीय अधिवेशन ने पिछले साल हुए निर्णय पर लगाई मुहर - राष्ट्रीय अधिवेशन में राम मंदिर सहित पेश हुए तीन तरह के प्रस्ताव

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नवनीत मिश्र
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा के राष्ट्रीय अधिवेशन में 2024 के लोकसभा चुनाव का एजेंडा सेट कर दिया। कार्यकर्ताओं को सीधे तौर पर कहा गया कि वे घर-घर जाकर लोगों से कहें कि आपको मोदी ने प्रणाम भेजा है। इस दौरान यूपीए सरकार के 10 साल के नकारेपन, मोदी गारंटी और 2047 तक विकसित भारत बनाने के प्लान की चर्चा करें। 60 मिनट से अधिक संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी कार्यकर्ताओं में यह आत्मविश्वास भरा कि तीसरी बार भाजपा का सत्ता में आना तय है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अभी तो चुनाव बाकी हैं, लेकिन मेरे पास जुलाई, अगस्त, सितंबर तक के विभिन्न देशों के निमंत्रण पड़े हैं। इसका अर्थ है कि दुनिया के विभिन्न देश भी बीजेपी की सरकार की वापसी को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हैं। दुनिया का हर देश और शक्ति जानती है कि - आएगा तो मोदी ही। उन्होंने यह भी संदेश दिया कि वे अपने सुख वैभव के लिए नहीं जा रही हैं न ही तीसरा टर्म सत्ता का सुख भोगने के लिए मांग रहे हैं बल्कि वे छत्रपति शिवाजी के आदर्शों पर चलने की कोशिश कर रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताने की कोशिश की कि आज विपक्ष भी भाजपा की जीत मानकर चल रहा है। उन्होंने कहा कि आज विपक्ष के नेता भी ‘एनडीए सरकार 400 पार’ के नारे लगा रहे हैं। एनडीए को 400 पार कराने के लिए भाजपा को 370 के माइलस्टोन को पार करना ही होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 10 साल की उपलब्धियां गिनाते हुए जनता के बीच इसे चर्चा का विषय बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जो काम सदियों से लटके थे, हमने उनका समाधान करने का साहस करके दिखाया है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण करके हमने 5 सदियों का इंतजार खत्म किया है। गुजरात के पावागढ़ में 500 साल बाद धर्म ध्वजा फहराई गई है। 7 दशक बाद हमने करतारपुर साहिब राहदारी खोली है। 7 दशक के इंतजार के बाद देश को आर्टिकल 370 से मुक्ति मिली है।

राम मंदिर सहित 3 प्रस्ताव

अधिवेशन में राम मंदिर सहित तीन मुद्दों पर प्रस्ताव पेश हुए। अधिवेशन के दूसरे दिन गृहमंत्री अमित शाह ने “देश की आशा और विपक्ष की निराशा” का दूसरा प्रस्ताव पेश किया। यूपीए सरकार के दस वर्षों के दौरान घपले, भ्रष्टाचार और कुशासन का श्वेत पत्र भी पेश किया। पहले दिन रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने “विकसित भारत, मोदी की गारंटी” नामक राजनैतिक प्रस्ताव रखा, जिसमें मोदी सरकार की नीतियों और योजनाओं की उपलब्धियां को प्रस्तुत किया गया है।

नड्डा के कार्यकाल विस्तार को मंजूरी

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का जून 2014 तक कार्यकाल बढ़ाने को अधिवेशन में मंजूरी मिली। दरअसल, उनका कार्यकाल पिछले वर्ष समाप्त होने पर ही बढ़ाने का संसदीय बोर्ड ने निर्णय लिया था। इस प्रस्ताव को अधिवेशन में पेश कर मंजूर कराया गया। नई व्यवस्था के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यकाल को बढ़ाने का निर्णय संसदीय बोर्ड कर सकता है। जेपी नड्डा को बड़े फैसले लेने को भी अधिकृत किया गया, जिसकी बाद में उन्हें संसदीय बोर्ड से मंजूरी लेनी होगी।

राजनीतिक प्रस्ताव 1- विकसित भारत-मोदी की गारंटी के मुख्य बिंदु

1- विकसित भारत संकल्प यात्रा2-मोदी सरकार में देश की महान संस्कृति का सम्मान

3- भारत रत्न और पद्मश्री सम्मान4-मोदी सरकार ने पुरस्कारों को एलीट कटेगरी से बाहर निकाला है
5-नया संसद भवन6-नारी शक्ति वंदन अधिनियम
7-अंतरिक्ष में देश की उड़ान8-जाति आधारित राजनीति बनाम हर वर्ग का कल्याण
9-भारतीय न्याय संहिता10-हिमाचल में भीषण प्राकृतिक आपदा
11-मेरी माटी-मेरा देश12- संदेशखली, बंगाल में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना निंदनीय
13-किसान कल्याण14-अर्थव्यवस्था की उड़ान
15-कोविड प्रबंधन16- 2024 में लगातार तीसरी बार, मोदी सरकार

प्रस्ताव 2- भाजपा देश की आशा, विपक्ष की हताशा के प्रमुख अंश

1-कांग्रेस अस्थिरता की जननी
2-कलह, कटुता, कुटिलता और कूटनीति का पर्याय इंडी गठबंधन3-इंडी गठबंधन का विचित्र मेल
4-गरीब विरोधी कांग्रेस5-भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी कांग्रेस और सहयोगी दल
6-कांग्रेस की विभाजनकारी राजनीति7-भारतीय संस्कृति पर आघात
8-हर प्रगतिशील कदम का कांग्रेस द्वारा विरोध9-कभी समर्थन, कभी विरोध की ढुलमुल राजनीति
10-कांग्रेस द्वारा देश के संवैधानिक संस्थाओं और वैज्ञानिकों का अपमान11-इंडी गठबंधन द्वारा हिंसा और अराजकता की राजनीति

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