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खरगे की सभा के बाद मैदान का शुद्धिकरण दलित समाज का अपमान : कांग्रेस

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद रैली स्थल का कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ किए जाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इसे दलित समाज का अपमान और भाजपा-आरएसएस की दलित विरोधी मानसिकता का प्रमाण बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है
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Congress

नई दिल्ली। उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष एवं राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद रैली स्थल का कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ किए जाने को लेकर कांग्रेस ने भाजपा और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने इसे दलित समाज का अपमान और भाजपा-आरएसएस की दलित विरोधी मानसिकता का प्रमाण बताते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भी इस मामले में जवाब मांगा है।

कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान उत्तराखंड कांग्रेस प्रभारी कुमारी महासचिव सैलजा, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य गुरदीप सप्पल ने घटना की निंदा की। नेताओं ने कहा कि रैली स्थल पर हवन कर ‘शुद्धिकरण’ किया जाना न केवल खरगे का, बल्कि पूरे दलित समाज का अपमान है। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के बावजूद पुलिस और राज्य सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।

कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही भाजपा ने ‘शरारत’ शुरू कर देती है। उन्होंने कहा कि जब भाजपा सीधे तौर पर कांग्रेस के कार्यक्रमों का मुकाबला नहीं कर पाती, तो अपने अराजक तत्वों को आगे करती है। सैलजा के मुताबिक देहरादून में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम और हल्द्वानी में खरगे की रैली को विफल करने के प्रयास किए गए, लेकिन जनता के समर्थन के कारण दोनों कार्यक्रम सफल रहे। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि जिस मंच से खरगे ने जनता को संबोधित किया, वहां भाजपा के लोगों द्वारा हवन कर ‘शुद्धिकरण’ करना सत्ताधारी दल की संकीर्ण सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने पूरे उत्तराखंड को शर्मसार किया है।

गोदियाल ने अनुसूचित वर्ग के लोगों से भाजपा की कथित ‘नफरत’ को पहचानने की अपील की। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कहा कि रामलीला मैदान का ‘शुद्धिकरण’ कर भाजपा ने अपना असली चेहरा सामने ला दिया है। उन्होंने कहा कि खरगे ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में संविधान और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष किया है। यदि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष के साथ ऐसा व्यवहार हो सकता है तो आम दलितों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। गुरदीप सप्पल ने राज्य सरकार और पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना के कई दिन बाद भी एफआईआर नहीं हुई। उन्होंने कहा कि खरगे द्वारा राज्यसभा में मामला उठाए जाने के बाद सरकार ने केवल जांच का आश्वासन दिया। सप्पल ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि कांग्रेस जातिवादी सोच के खिलाफ सड़क से संसद तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी।