
प्रतीकात्मक फोटो ( स्रोत Gemini )
Rape फरीदाबाद में चलती एम्बुलेंस में हुए गैंगरेप की पीड़िता ने दोनों आरोपियों को कई बंदियों के बीच पहचान लिया। पहचान के लिए जेल में इनकी परेड कराई गई थी। एक तरफ मजिस्ट्रेट बैठे और दूसरी तरफ पीड़िता को खड़ा किया गया और सामने कई बंदियों की परेड कराई गई। कई बंदियों के बीच पीड़िता ने दोनों की पहचान कर ली।
पहचान परेड के बाद इस मामले में पुलिस का कहना है कि आरोपियों के खिलाफ लगभग सभी पुख्ता सबूत इकट्ठा कर लिए गए हैं। इन सबूतों के आधार पर पुलिस मजबूती के साथ आरोपियों के खिलाफ अदालत में उनका जुर्म साबित कर पाएगी। चार्जशीट में कोई कमी ना रहे और सभी पुख्ता सबूत जुटा लिए जाए इसलिए पुलिस ने आरोपियों की जेल में पहचान परेड कराई है। पहचान हो जाने के बाद अब आरोपियों को भी सजा का डर सता रहा है।
यह घटना फरीदाबाद की है। पिछले दिनों एक महिला के साथ चलती एम्बुलेंस में दरिंदगी की गई थी। दो लोगों ने मिलकर महिला के साथ दुष्कर्म किया था। बाद में आरोपी महिला को एम्बुलेंस से फेंक कर भाग गए थे। पुलिस ने एम्बुलेंस बरामद करने के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था लेकिन इनकी शिनाख्त पीड़िता से करानी थी। पीड़िता का अस्पताल में उपचार चल रहा था। अब पीड़िता की हालत में सुधार होने पर आरोपियों की जेल में परेड कराई गई।
ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने यह परेड हुई और कम से कम दस बंदियों को खड़ा किया गया था। इन्ही के बीच में दो वो आरोपी थे जिन पर महिला के साथ दुष्कर्म करने के आरोप हैं। पीड़िता ने इन बंदियों के बीच में खड़े किए गए दोनों आरोपियों की पहचान कर ली और बता दिया कि इन्ही दोनों ने उसके साथ दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था। इस आधार पर अब पुलिस का कहना है की ठोस चार्जशीट आरोपियों के खिलाफ अदालत में पेश की जाएगी ताकि उन्हें अधिक से अधिक दंड दिलाया जा सके। पुलिस का कहना है कि वह सभी सबूत जुटा लिए गए हैं जिनके आधार पर अदालत में आरोपियों के जुर्म को साबित करने में मदद मिलेगी।
घटना के बाद फरीदाबाद आरटीओ ने एम्बुलेंस की जांच शुरू कर दी है। फरीदाबाद में जितनी भी एम्बुलेंस संचालित हो रही हैं उनके रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ उनमें चलने वाले स्टाफ का भी वेरिफिकेशन कराया जा रहा है ताकि भविष्य में इस तरह की वारदात की पुनरावृत्ति ना हो सके। फिलहाल बड़ी खबर यही है कि इस घटना के बाद से पीड़िता का स्वास्थ्य ठीक नहीं था और चिकित्सकों ने पुलिस को उसका बयान ना लेने की सलाह दी थी। अब स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद अब जेल में ही ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने आरोपियों की पहचान परेड कराई गई। पुलिस ने आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। इन्हें गिरफ्तार करके न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था जहां से इन्हे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था।
Updated on:
09 Jan 2026 07:54 am
Published on:
09 Jan 2026 07:53 am
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