
बेंगलुरु/नई दिल्ली। बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार, मणिपुर के हालात और तमिलनाडु में सत्ताधारी डीएमके की ओर से हिंदी के बहाने भाषा विरोध की राजनीति पर संघ ने चिंता जताई है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आरएसएस) ने बेंगलुरु में शुक्रवार से शुरू हुई तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा पर देश और दुनिया के ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक मे बांग्लादेश में हिंदुओं की रक्षा और संघ के सौ साल पूरे होने पर विशेष प्रस्ताव भी पास होंगे।
जनसेवा विद्या केंद्र परिसर में तीन दिनों तक चलने वाली प्रतिनिधि सभा का शुक्रवार को उद्घाटन सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, तबला वादक जाकिर हुसैन, श्याम बेनेगल के निधन पर श्रद्धांजलि भी दी गई। तीन दिवसीय बैठक में संघ से जुड़े 32 संगठनों के अध्यक्ष, संगठन मंत्री और महामंत्री सहित 1400 से अधिक पदाधिकारी भाग ले रहे हैं। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा भी बैठक में हिस्सा ले रहे हैं।
इस वर्ष संघ स्थापना के 100 वर्ष हो रहे हैं, इसलिए अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा के दौरान संघ कार्य के विस्तार पर विचार-विमर्श हुआ। तय हुआ कि विजयादशमी 2025 से विजयादशमी 2026 तक शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। इसके लिए व्यापक जनसंपर्क की योजना भी बनी। पंच परिवर्तन यानी सामाजिक समरसता, कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण जागरूकता, स्वत्व और नागरिक कर्तव्य को लेकर जागरूकता अभियान चलाने पर मंथन हुआ।
इस वर्ष राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से 95 प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाएंगे, जिनमें संघ शिक्षा वर्ग, कार्यकर्ता विकास वर्ग एक और कार्यकर्ता विकास वर्ग दो शामिल हैं। 40 वर्ष से कम आयु वालों के लिए 72 वर्ग आयोजित किए जाएंगे, जबकि 23 वर्ग 40 वर्ष और उससे अधिक आयु वालों के लिए होंगे।
Updated on:
22 Mar 2025 03:41 pm
Published on:
22 Mar 2025 03:37 pm

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