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6 साल बाद जेल से बाहर आए शरजील इमाम; चेहरे पर मुस्कान और विक्ट्री साइन के साथ दी दस्तक…

Sharjeel Imam: 2020 दिल्ली दंगा मामले के आरोपी शरजील इमाम को भाई की शादी के लिए 10 दिन की अंतरिम जमानत मिली है। करीब 6 साल बाद तिहाड़ जेल से बाहर आए इमाम मुस्कुराते और 'विक्ट्री साइन' दिखाते नजर आए। जानें कोर्ट की शर्तें और पूरा मामला।

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Sharjeel Imam: पूर्वी दिल्ली दंगों के आरोपी शरजील इमाम करीब छह साल बाद तिहाड़ जेल से बाहर आ गए हैं। दिल्ली की एक अदालत ने उन्हें पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए 10 दिनों की अंतरिम जमानत दी है। शुक्रवार को जब वे जेल के गेट से बाहर निकले, तो उनके चेहरे पर मुस्कान थी और उन्होंने समर्थकों की ओर 'विक्ट्री साइन' भी दिखाया। हालांकि, मीडिया के तीखे सवालों पर चुप्पी साधे हुए वे सीधे अपनी कार में बैठकर वहां से रवाना हो गए।

भाई की शादी के लिए मिली राहत

दिल्ली की कड़कड़डूमा अदालत ने 9 मार्च को शरजील इमाम को 10 दिनों की अंतरिम जमानत देने का आदेश सुनाया था। अदालत ने उन्हें अपने भाई के विवाह समारोह में सम्मिलित होने और परिवार के साथ समय व्यतीत करने की विशेष अनुमति दी है। जानकारी के मुताबिक, उनके भाई का विवाह 25 मार्च को है। हालांकि, इमाम ने अदालत के समक्ष छह सप्ताह की लंबी राहत के लिए गुहार लगाई थी, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका पर विचार करते हुए केवल एक सीमित अवधि 10 दिन के लिए ही जमानत मंजूर की।

अदालत ने लगाई शर्तें

अंतरिम जमानत के साथ अदालत ने कई शर्तें भी लगाई हैं।

  • वह मामले से जुड़े किसी भी गवाह या व्यक्ति से संपर्क नहीं करेगा।
  • उसे जांच अधिकारी को अपना मोबाइल नंबर देना होगा।
  • परिवार और करीबी रिश्तेदारों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति से मिलने की अनुमति नहीं होगी।
  • सोशल मीडिया के उपयोग पर भी रोक रहेगी।
  • 30 मार्च की शाम तक उसे दोबारा जेल में आत्मसमर्पण करना होगा।

2020 दिल्ली दंगों का घटनाक्रम और इमाम पर लगे गंभीर आरोप

शरजील इमाम पर आरोप है कि उन्होंने कथित तौर पर विरोध प्रदर्शनों के आयोजन और 'चक्का जाम' की रणनीति तैयार करने में मुख्य भूमिका निभाई थी। पुलिस की जांच के अनुसार, इमाम ने विभिन्न स्थानों का दौरा कर लोगों को लामबंद करने का काम किया था। दिल्ली पुलिस का यह भी दावा है कि उनकी सक्रियता केवल राजधानी तक सीमित नहीं थी, बल्कि अन्य शहरों में भी उनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई है। उल्लेखनीय है कि फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के भीषण सांप्रदायिक दंगों के दौरान 53 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी और सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।