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कैप्टन अमरिंदर सिंह के मंत्रियों को हटाने के लिए सिद्धू ने तैयार की रिपोर्ट, भष्टाचार को बनाया आधार

पंजाब की नई कैबिनेट में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कई मंत्रियों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा। बता दें कि कैप्टन के मंत्रियों को पद से हटाने के लिए सिद्धू ने रिपोर्ट तैयार कर कांग्रेस नेतृत्व को भेजी है।

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पंजाब की नई कैबिनेट

पंजाब की नई कैबिनेट

नई दिल्ली। पंजाब की नई कैबिनेट पर अंतिम मुहर लग गई है। अब कल शाम साढ़े 4 बजे पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की टीम पद और गोपनीयता की शपथ ग्रहण करेगी। हालांकि पिछले बार की तरह इस बार भी पार्टी ने अभी मंत्रियों ने नामों का खुलासा नहीं किया है। शपथ ग्रहण करने के साथ ही नए मंत्रियों के चेहरे साफ हो जाएंगे।

बता दें कि चरणजीत सिंह चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के साथ पार्टी ने दो उपमुख्यमंत्रियों के नामों को लेकर कोई जानकारी नहीं थी। बाद में शपथ ग्रहण के दौरान दोनों डिप्टी सीएम के नामों का खुलासा हुआ। पंजाब की सीएम चरणजीत चन्नी के साथ सुखजिंदर सिंह और ओपी सोनी ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ली थी।

सिद्धू की लिस्ट में इन नेताओं के नाम शामिल

जानकारी के मुताबिक कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कई मंत्रियों को नई कैबिनेट में जगह नहीं दी जाएगी। पूर्व सीएम के कुछ मंत्रियों को पदों से हटाने के लिए नवजोत सिंह सिद्धू ने खुद रिपोर्ट तैयार की थी और इसमें भष्टाचार को आधार बनाया था। सिद्धू द्वारा आलाकमान को भेजी गई रिपोर्ट में बताया गया कि बलवीर सिद्धू पर कोविड के दौरान फतेह किट की खरीद के नाम पर खोटाले का आरोप है।

मंत्रिमंडल विस्तार में क्यों लगा समय

इसके साथ ही गुरप्रीत कांगड़ को तहसील दफ्तरों में हो रहे करप्शन के लिए जिम्मेदार बताया, सुन्दर शाम आरोड़ा पर मोहाली में सरकारी जमीन बेचने का मामला और साधू सिंह धर्मसोत स्कॉलरशिप घोटाला और वन विभाग की जमीन पर हुए कब्जे को लेकर विवाद की जानकारी दी गई। इसके बाद कांग्रेस नेतृत्व ने हर पहलू पर मंथन करने के बाद नाम फाइनल किए हैं, यही वजह कि मंत्रिमंडल विस्तार में 6 दिन का समय लग गया।

वोट बैंक साधने का प्रयास करेगी कांग्रेस

गौरतलह है कि कांग्रेस पंजाब विधानसभा चुनाव की तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ना चाह रही है। यही वजह है कि पार्टी ने सीएम बदलने के साथ राज्य में कई और बड़े बदलाव कर रही है। माना जा रहा है कि कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी को सीएम बनाकर दलित वोट बैंक साध लिया है। वहीं कैबिनेट विस्तार में भी पार्टी वोट बैंक पर ध्यान केंद्रित करेगी।

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