
15 साल से काम करने वाली मीना की घर मालिक ने की बेरहमी से हत्या (photo x)
Mount Kailash murder case: दक्षिण दिल्ली के ग्रेटर कैलाश इलाके में रहने वाली घरेलू सहायिका मीना के लिए 18 जून की सुबह किसी आम दिन की तरह ही शुरू हुई थी। पिछले 15 वर्षों से वह एक ही परिवार के यहां काम कर रही थीं और रोज की तरह अपने काम में जुटी थीं। हालांकि, किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह दिन उनकी जिंदगी का आखिरी दिन साबित होगा। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
आरोप है कि 50 वर्षीय त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष गुप्ता ने गुरुवार सुबह अपने घर की छत पर मीना की बेरहमी से हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, पहले उनकी पिटाई की गई और फिर धारदार हथियार से उनका गला काट दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया है कि गर्दन पर मिले घाव किसी चिकित्सकीय चीरे जैसे प्रतीत होते हैं, जिससे मामले ने और भी गंभीर और रहस्यमयी मोड़ ले लिया है। इस क्रूर घटना को लेकर स्थानीय लोग स्तब्ध हैं और समझ नहीं पा रहे कि आखिर ऐसी वारदात कैसे हो गई। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि डॉ. गुप्ता पिछले करीब 10 वर्षों से डिप्रेशन और ऑब्सेसिव-कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) का इलाज करा रहे थे।
एक अधिकारी ने बताया कि हाल में उनके मन में बहुत गुस्से और हिंसा वाले ख्याल आ रहे थे। कथित तौर पर वह खुद को या अपने परिवार के किसी सदस्य को नुकसान पहुंचाने के बारे में सोच रहे थे। पुलिस का कहना है कि घर में मीना की नौकरी को लेकर तनाव चल रहा था। बताया जा रहा है कि गुप्ता उसे काम से हटाना चाहते थे, लेकिन उनकी पत्नी चाहती थीं कि मीना काम करती रहे, क्योंकि वह कई सालों से उनके साथ थी और उसने परिवार का बहुत ध्यान रखा था। मीना उनके बुरे वक्त में भी उनके साथ खड़ी रही थी। उसने गुप्ता की मां की देखभाल में भी मदद की थी, जिनका करीब डेढ़ साल पहले कैंसर से लड़ते हुए निधन हो गया था।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को मीना सुबह 10 बजे घर पहुंची और रोज की तरह घर के काम करने लगी। सबसे पहले कपड़े धोए फिर सुखाने के लिए छत पर चली गई। पुलिस का आरोप है कि वहीं गुप्ता ने अपने बेटे के क्रिकेट बैट से उस पर हमला किया, उसके चेहरे और सिर पर कई बार वार किए और फिर किचन के चाकू से उसका गला रेत दिया। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने कहा, मीना की गर्दन पर लगा चीरा किसी मेडिकल चीरे जैसा दिखता है। हमले के समय गुप्ता का 19 साल का बेटा घर के अंदर था।
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आरोपी डॉक्टर ने बाद में नीचे आए और बताया कि 'मैंने मीना पर हमला कर दिया', उस समय उनकी पत्नी घर पर नहीं थीं। पीड़िता का शव तब मिला जब पास की एक बिल्डिंग में रहने वाले एक शख्स ने उसे छत पर खून से लथपथ बेजान हालत में देखा और अधिकारियों को सूचना दी। जब पुलिस पहुंची, तो उन्होंने गुप्ता को बिल्डिंग के अंदर सीढ़ियों पर बैठे हुए पाया। अफसरों ने बताया कि उसने उनसे कहा, मुझे फांसी दे दो।
घटना वाली जगह से खून से सना किचन का चाकू और एक बैट मिला। मीना के परिवार में उनके पति और बेटा रॉबिन हैं। उनके पति पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले में अपने पैतृक गांव में रहते हैं, जबकि रॉबिन दिल्ली के नेहरू प्लेस में एक प्राइवेट कंपनी में काम करता है। रॉबिन ने कहा, मैं रोज की तरह सुबह करीब 6.30 बजे काम पर निकला था। बाद में, एक रिश्तेदार का फोन आया और उन्होंने मुझे बताया कि मेरी मां की मौत हो गई है। उन्होंने कभी डॉक्टर साहब के बारे में कोई शिकायत नहीं की। उनके बीच कभी कोई झगड़ा नहीं हुआ।
इस हत्या के बाद बंगले के बाहर लोग भावुक होते नजर आए और एक ही सवाल कर रहे थे कि कोई ऐसा क्यों करेगा? दुखी रिश्तेदार वहां जमा हो गए और आरोपी का सामना करने की कोशिश की, जबकि पुलिस उसे वहां से ले जा रही थी। हालात को काबू में करने के लिए सीनियर अफसरों को दखल देना पड़ा। पुलिस अब गुप्ता की मेडिकल हिस्ट्री की जांच कर रही है और यह भी देख रही है कि क्या उसने हाल ही में बताई गई दवाएं लेना बंद कर दिया था, जबकि फोरेंसिक टीमें घटना वाली जगह से मिले सबूतों की जांच कर रही हैं।
Updated on:
19 Jun 2026 11:02 am
Published on:
19 Jun 2026 10:41 am
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