31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

देश को जनाकांक्षाओं को समझने वाले नेतृत्व की जरूरतः केसीआर

-युवाओं को प्रशिक्षण के लिए कोकपेट में रखी भारत भवन की आधारशिला

less than 1 minute read
Google source verification
देश को जनाकांक्षाओं को समझने वाले नेतृत्व की जरूरतः केसीआर

देश को जनाकांक्षाओं को समझने वाले नेतृत्व की जरूरतः केसीआर

नई दिल्ली/हैदराबाद। मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव ने कहा कि देश को आज जनआकांक्षाओं को समझने वाले प्रभावी नेतृत्व की जरूरत है। ऐसा नेतृत्व विकसित करने की जिम्मेदारी राजनीतिक दलों की है और यह युवाओं को राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक व वैचारिक क्षेत्रों में प्रशिक्षण से ही सम्भव है।

केसीआर ने सोमवार को कोकपेट में बीआरएस भारत भवन की आधारशिला रखने के बाद आयोजित समारोह में कहा कि समाज के विकास में योगदान देने वाला नेतृत्व विकसित करने की जिम्मेदारी के तहत भारत राष्ट्र समिति दुनिया भर से महान बुद्धिजीवियों और पुरस्कार विजेताओं को बुलाकर युवाओं को प्रशिक्षित करेगी। हम एक ऐसा नेतृत्व विकसित करेंगे जो लोगों को सुशासन दे। इसी उद्देश्य से भारत भवन के रूप में पार्टी ने राजनीतिक उत्कृष्टता और मानव संसाधन विकास केंद्र बनाने का फैसला किया है।

उन्होंने बताया कि भारत भवन में क्लासरूम, प्रोजेक्टर के साथ मिनी हॉल, मीटिंग हॉल, नवीनतम तकनीक से युक्त डिजिटल लाइब्रेरी और लग्जरी कमरों का निर्माण किया जाएगा। यहां देश-विदेश के समाचार पत्र और विश्व के राजनीतिक, सामाजिक और दार्शनिक क्षेत्रों से जुड़े बुद्धिजीवियों की पुस्तकें उपलब्ध होंगी। दुनिया भर में सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में हो रही प्रगति को परखने के लिए मंच उपलब्ध कराए जाएंगे। लोगों को नियमित रूप से प्रभावित कर रहे सोशल मीडिया के बारे में जागरुकता के लिए विशेष प्रशिक्षण कक्षाएं लगाई जाएंगी।

नियोपोलिस में पौधरोपण

केसीआर ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर कोकपेट में हैदराबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एचएमडीए) के लेआउट नियोपोलिस में पौधरोपण किया। ग्रीन इंडिया चैलेंज के संस्थापक सांसद जोगीनापल्ली संतोष कुमार व शहरी वन निदेशक डॉ. बी. प्रभाकर ने भी मुख्यमंत्री की ओर से भेंट पौधे रोपे। इस अवसर पर केसीआर ने लोगों से हरियाली को बढ़ावा और पर्यावरण संरक्षण के उपायों को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

Story Loader