
वॉशिंगटन. अमरीका में सर्दी के मौसम में घडिय़ों को एक घंटा पीछे करने की कई दशक पुरानी परंपरा खत्म हो सकती है। निर्वाचित राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने देश की जनता से वादा किया है कि पद संभालने के बाद वह इसे बंद करने को प्राथमिकता देंगे। हर साल यह परंपरा निभाई जाती है। घडिय़ों को एक घंटे पीछे इसलिए किया जाता है, ताकि लोग दिन की रोशनी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर सकें। इसे ‘डेलाइट सेविंग’ कहा जाता है।बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ‘डेलाइट सेविंग’ अमरीका के लिए असुविधाजनक और महंगी साबित हो रही है। यह परंपरा यह सोच कर शुरू की गई थी कि दफ्तर जल्दी बंद हो जाएंगे। इससे बिजली की खपत कम होगी। लेकिन इसके विपरीत दफ्तरों में बिजली की खपत बढ़ गई, क्योंकि दिन में भी वहां बिजली की जरूरत होती है। अमरीकी विशेषज्ञ पहले से ‘डेलाइट सेविंग’ के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। उनका कहना है कि इससे फायदा कम, नुकसान ज्यादा हो रहा है।
स्ट्रेस-स्ट्रोक-हार्ट अटैक का भी खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि डेलाइट सेविंग सेहत के लिए भी हानिकारक है। इससे शरीर को काफी एडजस्ट करना पड़ता है। लोगों में स्ट्रेस, स्ट्रोक, और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। अमरीका के अलावा यूरोप के कई देशों में हर साल डेलाइट सेविंग अपनाई जाती है। घड़ी की सुई मार्च और नवंबर में आगे या पीछे की जाती है। गर्मी में इसे एक घंटा आगे और सर्दी शुरू होने पर इतना ही पीछे कर दिया जाता है।
रुबियो ने 2022 में पेश किया था बिल
ट्रंप ने सीनेटर मार्को रुबियो को विदेश मंत्री नामित किया है, जो डेलाइट सेविंग को खत्म करने के प्रबल समर्थक हैं। उन्होंने इसके लिए 2022 में सनशाइन प्रोटेक्शन बिल पेश किया था और कहा था, यह हमारी घडिय़ों को आगे-पीछे करने की मूर्खतापूर्ण प्रथा को खत्म कर देगा। अगर तब बिल सदन में पारित हो जाता और राष्ट्रपति जो बाइडेन के हस्ताक्षर के बाद कानून बन जाता तो यह परंपरा खत्म हो चुकी होती।
Published on:
16 Dec 2024 01:45 am
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