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जब शिक्षक बन बच्चों को पढ़ाने लगे गृह मंत्री अमित शाह, आदिवासी बच्चों ने शाह से पूछे सवाल

- पोटकपल्ली के लोगों और बच्चों के लिए ये आशार्यचकित करने वाला अनुभव था

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अनुराग मिश्रा
पोटकपल्ली, सुकमा। सीआरपीएफ के स्थापना दिवस में शामिल होने छत्तीसगढ़ पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कुछ देर के लिए शिक्षक बन आदिवासी बच्चों को पढ़ाने लगे। नक्सलवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित पोटकपल्ली के आदिवासी लोगों और यहां पढ़नेवाले बच्चों के लिए ये आशार्यचकित करने वाला अनुभव था। अमित शाह ने बच्चों के क्लास रूम में जाकर ना सिर्फ उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा, बल्कि बच्चों के परिवार, उनकी पसंद न पसंद, खाने पीने की व्यवस्था की भी जानकारी ली। अमित शाह बच्चों से बातचीत के दौरान अभिभावक के रूप में नजर आए।आदिवासियों के बीच पहुंच कर उनसे बातचीत की।

शाह ने आदिवासियों के लिए बेहतर सुविधा का संकल्प दोहराया

नक्सलियों का गढ़ कहे जाने वाले सुकमा क्षेत्र के पोटकपल्ली फॉरवर्ड बेस पहुँच कर शाह ने सीआरपीएफ के जवानों और अफसरों को भी संबोधित किया। इलाके में आ रही मुश्किलों के बारे में जानकारी ली। वहां पर जनजातीय लोगों और CRPF के जवानों के साथ संवाद किया। अमित शाह ने सीआरपीएफ के जवानों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि पिछले साल ही शुरू किए गए सीआरपीएफ के सुकमा जिले के पोटकपल्ली फॉरवर्ड बेस में तमाम कठिनाइयों के बीच वामपंथी उग्रवाद से जवान लड़ रहे हैं।

शाह ने कहा किन जांबाज जवानों की तरफ से स्थानीय जनमानस में जो विश्वास पैदा किया गया है वह भारत की एकजुटता के लिए बड़ा योगदान है। अमित शाह ने इस तरह के कैंप में रह रहे जवानों और ऐसे आदिवासी इलाकों में ज्यादा बेहतर चिकित्सा सुविधा शिक्षा सुविधा और आवासीय व्यवस्था को और बेहतर बनाने के केंद्र सरकार के संकल्प भी दोहराया।