
पतंगबाजी का लुत्फ उठाते हुए लोग।
गुजरात के विभिन्न पर्यटन स्थलों और उत्सवों में गत दो वर्षों में करीब 35.89 करोड़ पर्यटक आए। इनमें से सबसे अधिक 23.12 लाख से अधिक पर्यटक वाइब्रेंट नवरात्रि महोत्सव में आए। वहीं कच्छ रणोत्सव में 17.83 लाख घूमने आए। उधर अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव में यह संख्या 9.29 लाख रही। साथ ही सापुतारा मेघ मल्हार फेस्टिवल में 5 लाख और सुरेन्द्रनगर जिले के तरणेत्तर मेले में 4 लाख से अधिक पर्यटक शामिल हुए।
गुजरात में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास किए। इनमें वाइब्रेंट नवरात्रि महोत्सव, धोरडो रणोत्सव, अंतरराष्ट्रीय पतंगोत्सव, सापूतारा मेघ मल्हारजैसे उत्सव शामिल हैं। इसके साथ-साथ सोमनाथ, द्वारका, अंबाजी, मोढेरा सूर्य मंदिर, रानी की वाव और स्टैच्यू ऑफ यूनिटी जैसे पर्यटन स्थल भी देश-विदेश के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गए हैं। इसके चलते राज्य सरकार पर्यटन स्थलों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उत्सवों को विशेष प्राथमिकता दे रही है।
प्रत्येक वर्ष गुजरात पर्यटन निगम की ओर से अहमदाबाद के जीएमडीसी ग्राउंड पर वाइब्रेंट गुजरात नवरात्रि महोत्सव मनाया जाता है।
कच्छ रणोत्सव बना गुजरात का ग्लोबल इवेंट
कच्छ रणोत्सव एक वैश्विक इवेंट बन गया है। कच्छ के धोरडो स्थित रणोत्सव में भी वर्ष 2023-24 में 7.42 लाख और वर्ष 2024-25 में 7.52 लाख पर्यटकों ने भाग लिया है। यह स्थानीय लोगों के लिए आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत बना है और पारंपरिक कलाकृतियों को वैश्विक बाजार मिला है। संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी वर्ल्ड टूरिज्म ऑर्गेनाइजेशन ने धोरडो को बेस्ट टूरिज्म विलेज का अवार्ड भी प्रदान किया है।
उतरायण पर गुजरात में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसमें 47 देशों के 143 पतंगबाजों ने भाग लिया। यह उत्सव राज्य के पर्यटन स्थलों को प्रमोट करता है और पर्यटकों की संख्या को बढ़ाता है।
राष्ट्रीय पर्यटन दिवस जो हर वर्ष 25 जनवरी को मनाया जाता है। भारत के विविध पर्यटन स्थलों और उनकी धरोहर को संरक्षित करने के लिए लोगों को जागरूक करने का एक प्रयास है। वर्ष 2025 में इसे 'टूरिज्म फॉर इनक्लूसिव ग्रोथ' की थीम के साथ मनाया जाएगा।
Published on:
24 Jan 2025 09:45 pm
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