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यहां सुरक्षित व संरक्षित है एक शताब्दी पुराना जन्म-मृत्यु का इतिहास

बीकानेर. जन्म-मृत्यु पंजीयन के लिए भले ही वर्तमान में कप्यूटर पर ऑनलाइन रिकॉर्ड संधारित किया जाने लगा हो लेकिन, दशकों पहले यह सब रजिस्टरों में दर्ज होता रहा है।शहर में रियायत काल से नगरीय निकाय शहरवासियों के जन्म और मृत्यु से संबंधित रेकॉर्ड को संधारित कर रहा है। तब से नगरीय निकाय की व्यवस्था के अस्तित्व […]

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बीकानेर. जन्म-मृत्यु पंजीयन के लिए भले ही वर्तमान में कप्यूटर पर ऑनलाइन रिकॉर्ड संधारित किया जाने लगा हो लेकिन, दशकों पहले यह सब रजिस्टरों में दर्ज होता रहा है।शहर में रियायत काल से नगरीय निकाय शहरवासियों के जन्म और मृत्यु से संबंधित रेकॉर्ड को संधारित कर रहा है। तब से नगरीय निकाय की व्यवस्था के अस्तित्व में होने से नगर निगम के पास एक शताब्दी पुराना जन्म और मृत्यु का रेकॉर्ड आज भी संरक्षित है। निगम शहर की धरोहर मानकर इस रेकॉर्ड को पूरी तरह सुरक्षित और संरक्षित रखने में जुटा हुआ है।

19 रजिस्टरों में दर्ज रियासत काल का रेकॉर्ड

निगम की जन्म-मृत्यु पंजीयन शाखा के कर्मचारी चैनरूप सियोता के अनुसार अनुभाग के रेकॉर्ड में वर्ष 1921 से 1947 तक जन्म-मृत्यु को रेकॉर्ड कुल 19 रजिस्टरों में दर्ज है। इनमें वर्ष 1947 से पहले के जन्म के 7 और और मृत्यु से संबंधित 12 रजिस्टर हैं।

161 रजिस्टरों में 84 साल का रेकॉर्ड

वर्ष 1921 से वर्ष 2005 तक के जन्म और मृत्यु से संबंधित रजिस्टर भी सुरक्षित है। शाखा प्रभारी चंचल चावरिया के अनुसार रेकॉर्ड रूम में कुल 161 जन्म और मृत्यु से संबंधित रजिस्टर हैं। इनमें वर्ष 1921 से 2005 तक शहर में पीबीएम अस्पताल सहित विभिन्न अस्पतालों में जन्म लेने वाले शिशुओं और मृत्यु से संबंधित जानकारी दर्ज है। वर्ष 2005 से जन्म -मृत्यु पंजीयन की जानकारी कप्यूटर और ऑनलाइन पर दर्ज हो रही है।

104 साल के दौरान मृत्यु, 99 साल के दौरान जन्म

निगम में 104 वर्ष का मृत्यु से संबंधित और 99 वर्षों का जन्म से संबंधित रेकॉर्ड रजिस्टरों में दर्ज है। वर्ष 1921 से मृत्यु का रेकॉर्ड दर्ज है। जबकि वर्ष 1925 से जन्म का रेकॉर्ड है। रजिस्टरों में जन्म और मृत्यु का रेकॉर्ड वर्ष 2005 तक का है।

प्रिजर्वेशन व लेमिनेशन जरूरी

पुराने दस्तावेजों को लंबे समय तक सुरक्षित व संरक्षित रखने के लिए उचित देखभाल जरूरी है। दशकों पुराने दस्तावेजों का प्रिजर्वेशन और टिश्यू पेपर लेमिनेशन करना चाहिए। इससे ये सालों तक सुरक्षित रहते है। वहीं जहां दस्तावेज, रजिस्टर, बहिया आदि रखे है, वहां डायक्लोरो बेंजिन और सिलिका रसायनों को कटोरी में रखना चाहिए। ये नमी को सोंखते है। प्रिजर्वेशन के लिए ये आवश्यक है।

डॉ. नितिन गोयल, निदेशक राजस्थान राज्य अभिलेखागार बीकानेर