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आंकाक्षा, पूजा, रेणू और सबका है कहना…. साइबर क्राइम से अलर्ट रहना

आपके हाथ में एक मिनी बैंक है, जरूरत अब इस बैंक की सुरक्षा की है, सुरक्षा में जरा सी लापरवाही बरती तो साइबर ठग इसे ऑनलाइन लूट सकते है। ऐसे साइबर ठगों से बचने के लिए राजस्थान पत्रिका ने रक्षा कवच अभियान के जरिए जो जागरूकता अभियान समूचे प्रदेश व देश में चला रखा है, वह सराहनीय है। भीलवाड़ा के शास्त्रीनगर के सी सेक्टर में रविवार को आयोजित टॉक शो में शहर की प्रबृद्ध महिलाओं ने यह बात कही।

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भीलवाड़ा। डिजिटल युग में मोबाइल अब कॉल करने का जरिया ही नहीं वरन वित्तीय लेन देन का एक बड़ा आधार है। यूं कह सकते है कि आपके हाथ में एक मिनी बैंक है, जरूरत अब इस बैंक की सुरक्षा की है, सुरक्षा में जरा सी लापरवाही बरती तो साइबर ठग इसे ऑनलाइन लूट सकते है। ऐसे साइबर ठगों से बचने के लिए राजस्थान पत्रिका ने रक्षा कवच अभियान के जरिए जो जागरूकता अभियान समूचे प्रदेश व देश में चला रखा है, वह सराहनीय है। भीलवाड़ा के शास्त्रीनगर के सी सेक्टर में रविवार को आयोजित टॉक शो में शहर की प्रबृद्ध महिलाओं ने यह बात कही।जन्मतिथि को पासवर्ड न बनाएंआंकाक्षा नामा ने कहा कि आमजन को चाहिए कि वह वित्तीय लेन-देन तथा मोबाइल की उपयोगिता को लेकर सावधानी बरतें। ओटीपी-पिन-सीवीवी नंबर साझा न करें, नाम- मोबाइल नंबर जन्मतिथि को पासवर्ड न बनाएं। ऑनलाइन अकाउंट- नेटबैंकिंग के अल्फान्यूमेरिक स्पेशल कैरेक्टर के साथ जटिल पासवर्ड रखें। राजस्थान पत्रिका के अभियान से जागरूकता की अलख जगी है।

ऑनलाइन प्रस्तावों से सावधान रहें

पूजा बजाज बोली की अज्ञात व्यक्तियों से प्राप्त वीडियो कॉल को न स्वीकारें, लॉटरियां, कैशबैक, रिफंड, जॉब ऑफर, आदि ऑनलाइन प्रस्तावों से सावधान रहें। यूपीआई-पिन- क्यूआर कोड का उपयोग केवल भुगतान करने के लिए करें, धन प्राप्त करने के लिए नहीं।

घर बैठे पैसे कमाने के झांसे में ना आए

यूट्यूबर मृदुला वर्मा ने कहा कि लाइक-रिव्यू रेटिंग्स के बहाने घर बैठे पैसे कमाने वाले ऑफर्स में आवेदन न करें और निवेश न करें, केवल आरबीआई से मान्यता प्राप्त बैंकिंग-नॉन-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों के माध्यम से ही ऋण लें।

खुद को सचेत होना होगा

पूनम बाहेती ने कहा कि हम खुद को सचेत होना होगा, अनचाहे कॉल व मैसेज से बचना होगा। मीनाक्षी पानगडिया बोली कहा कि परिवार के प्रत्येक सदस्य व आसपड़ोस के लोगों को भी हमें साइबर क्राइम को लेकर जागरूक करना होगा। रेणू पानगडि़या ने कहा कि एआई के जमाने में हमें नेटबैकिंग के प्रति कही अधिक सावधानी बरतनी चाहिए, कोई हमें दबाव या भय में लाने की कोशिश करे तो अपना आत्मविश्वास खोए नहीं, सतर्कता बरते, इसके बाद ही कोई कदम उठाए,।

घूमने फिरने की वीडियो ना करे शेयर

हिना कोरानी का कहना था कि सोशल मीडिया पर अपने आने व जाने का जिक्र नहीं करे, खास कर पूरे परिवार के साथ घूमने जाने के वीडियो व फोटो लाइव शेयर नहीं करें, अन्यथा आप साइबर ठगों के साथ अपराधियों का शिकार हो सकते है। चाहत गुनानी ने कहा कि साइबर क्राइम का हमला तेजी से हो रहा है, सरकार भी अलर्ट कर रही है। हमें भी चाहिए कि हम भी डिजिटल युग में वित्तीय लेन देन व मैसजों का आदान प्रदान सोच समझ कर करे।

डिटेल किसी से शेयर नहीं करे

मीनाक्षी कोरानी का कहना था कि लेडिज अकेले में कहीं जाती है और टैक्सी में है तो अपना लाइव लोकेशन परिजन से जरूर शेयर करे। मोबाइल डिवाइस के जीपीएस , ब्लूटूथ, एनएफसी, हॉटस्पॉट, और वाईफाई को आवश्यक होने पर ही चालू रखें। खुशबू नाहर, कहा कि ऑनलाइन खरीद के वक्त भुगतान का ध्यान रखे और डिटेल किसी से शेयर नहीं करे। सोशल मीडिया अकाउंट्स पर टू-स्टेप वेरिफिकेशन- टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन चालू रखें।

अनजान लिंक क्लिक ना करे

रश्मि सोमानी ने कहा कि अनजान लिंक क्लिक ना करे और ना ही शेयर करे। कस्टमर केयर नंबर को केवल आधिकारिक वेबसाइट से प्राप्त करें। और फ्रेंड रिक्वेस्ट को सावधानी से स्वीकार करें। आशा सोमानी ने साइबर क्राइम को लेकर पत्रिका की मुहिम की सराहना की। सार्वजनिक वाईफाई पर ऑनलाइन शॉपिंग या बैंकिंग ट्रांजैक्शन न करें।

वर्दी या पद के रौब से ना डरे

किरण जैन का कहना था कि कोई अफसर वर्दी या पद का रौब दिखाता है तो डरे नहीं और सोच समझ कर जवाब दें। याने व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, फेसबुक, ट्रूकॉलर की डीपी में किसी पुलिस अधिकारी या अज्ञात व्यक्ति की तस्वीर पर विश्वास न करें। शोभा बोहरा बोली की ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से बचना चाहिए और कैश का उपयोग अधिक करना चाहिए।