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गुप्ता सॉल्वेंट में पहुंची प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम की टीम

– मामला क्वारी नदी में पानी दूषित होने पर मृत हुई हजारों मछलियां का
– प्रशासन को मिली शिकायत- गुप्ता सॉल्वेंट से जाता है क्वारी नदी में दूषित पानी

मोरेनाJun 27, 2024 / 09:47 pm

Ashok Sharma

मुरैना. क्वारी नदी का पानी दूषित होने पर दिमनी के पास हजारों मछलियों की मौत हो गई। मछलियों की मौत की खबर पाकर प्रशासन अलर्ट मोड़ पर आ गया। प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम की टीम हाइवे पर स्थित गुप्ता सॉल्वेंट फैक्ट्री में पहुंचा और वहां जांच की।
क्वारी नदी के ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना दी कि पानी प्रदूषित होने पर हजारों मछलियों की मौत हो गई है। प्रशासन को शिकायत मिली कि हाइवे पर स्थित गुप्ता सॉल्वेंट से निकलने वाले को नदी में छोड़ा जाता है इसलिए नदी का पानी विषाक्त हो गया है। इसी के चलते प्रभारी कलेक्टर डॉ. इच्छित गढ़पाले ने संयुक्त कलेक्टर शुभम शर्मा, डिप्टी कलेक्टर मेघा तिवारी, पॉलूशन कंट्रोल बोर्ड और नगर निगम की टीम को फैक्ट्री में भेजा। संयुक्त कलेक्टर व डिप्टी कलेक्टर ने फैक्ट्री के अंदर भ्रमण कर देखा। परिसर में गंदगी मिली, जिसको लेकर संयुक्त कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। प्रशासन ने उस बात की भी जानकारी ली कि फैक्ट्री से निकलने वाला पानी कहां और कैसे डिस्चार्ज किया जाता है।
संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर निकले तब प्लांट में पहुंचे प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी
संयुक्त कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर के समक्ष प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी बोले, अब तो शाम हो गया, शुक्रवार की सुबह 11 बजे आकर फैक्ट्री के पानी के डिस्चार्ज पॉइंट व नदी तक की स्थिति को चेक कर लेंगे। लेकिन संयुक्त कलेक्टर के निकलने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम प्लांट के अंदर पहुंची और फैक्ट्री की छत पर पहुंचकर फोटो, वीडियो बनाए और प्रबंधन से बातचीत की।
दस मिनट तक गेट पर खड़ी रही अधिकारियों की गाड़ी
फैक्ट्री का निरीक्षण करने पहुंचे संयुक्त कलेक्टर व डिप्टी कलेक्टर की गाड़ी फैक्ट्री के गेट पर पहुंची लेकिन वहां करीब दस मिनट तक इंतजार करना पड़ा। चालक ने सायरन बजाया और बताया कि साहब आए हैं, उसके बाद भी स्टाफ ने गेट नहीं खोला। जब अंदर तक सूचना पहुंच गई, उसके बाद गेट पर गार्ड को गेट खोलने की अनुमति मिली, तब गाड़ी अंदर प्रवेश कर सकी।
कथन
  • मैं जड़ेरुआ में था, तभी रीजनल आफीसर का फोन आया कि नदी में मछलियां मर गई हैं। उसको देखने आए हैं। जांच करेंगे, उसके बाद स्थिति सामने आएगी।
    डी के शर्मा, जूनियर साइंटिस्ट, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, ग्वालियर
  • हमारे यहां दो ट्रीटमेंट प्लांट हैं, फैक्ट्री का पानी छोडऩे से पहले ट्रीटमेंंट किया जाता है। फैक्ट्री के अंदर बारिश होने पर हल्की से गंदगी हो गई, उसकी सफाई कराई जा रही है।
    गौरव गुप्ता, संचालक, गुप्ता सॉल्वेंट

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