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अनूपगढ़ : नहर निर्माण में अनियमितताओं पर आक्रोशित किसान, कार्रवाई की मांग

-नहर निर्माण में बरती जा रही लापरवाही के कारण उनकी खेती प्रभावित हो रही है और उनकी भूमि को पानी की उचित आपूर्ति नहीं हो पा रही

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अनूपगढ़ : नहर निर्माण में अनियमितताओं पर आक्रोशित किसान, कार्रवाई की मांग

अनूपगढ़. ज्ञापन देने के लिए पहुंचे किसान।

अनूपगढ़. चक 3 एमएसआरआर के किसानों ने नहर निर्माण कार्य में हो रही गंभीर अनियमितताओं को लेकर जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। पूर्व जिला परिषद डायरेक्टर श्रवण सिंह नंदा के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में किसानों का आरोप है कि नहर निर्माण में बरती जा रही लापरवाही के कारण उनकी खेती प्रभावित हो रही है और उनकी भूमि को पानी की उचित आपूर्ति नहीं हो पा रही है।

छोटी मशीन से खेती प्रभावित

ज्ञापन के अनुसार, चक 3 एमएसआरआर पर 438 एकड़ भूमि की सिंचाई के लिए जो मशीन लगाई गई है, वह क्षमता में छोटी है। जबकि लगाई गई मशीन 110 एकड़ भूमि के लिए कम सिंचाई की क्षमता का पानी ले रही हैं। इस असमानता के चलते, 438 एकड़ भूमि के किसान पानी की कमी से जूझ रहे हैं, जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं। किसानों का कहना है कि इस मामले को लेकर उन्होंने पहले भी 3 अक्टूबर 2023 को जल संसाधन विभाग, श्रीविजयनगर शाखा के अधिशासी अभियंता को एक पत्र सौंपा था, लेकिन उस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

आठ बीघा के स्थान 3 बीघा हो रही सिंचाई

किसानों ने कहा कि 3 एमएसआर मोघे के बरम को उखाड़ दिया गया और दोबारा नहीं लगाया गया।जिसके कारण नहर से पानी की आपूर्ति और भी कम रही है। किसानों ने आरोप लगाया कि एक तरफ 110 एकड़ भूमि की मोघे की मशीन छोटी लगाई गई। दूसरी तरफ मोघे के बरम तोड़ कर किसानों के साथ जबरदस्त अन्याय किया है। जिससे किसानों का पानी आधे से भी कम रह गया हैं। पहले जिस किसान के आठ बीघा सिंचाई होती थी अब ढाई से तीन बीघा में सिंचाई हो रही है। यह स्थिति किसानों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि इससे उनकी खेती बुरी तरह प्रभावित हो रही है। किसानों ने जिला कलेक्टर से आग्रह किया है कि वह इस मामले की तुरंत जांच करें और जो भी अधिकारी या ठेकेदार इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, किसानों ने मांग की है कि 438 एकड़ भूमि की सिंचाई के लिए उपयुक्त मशीन लगाई जाए, ताकि उन्हें पर्याप्त पानी मिल सके और उनकी फसलें बच सकें। ज्ञापन में कई किसानों के हस्ताक्षर शामिल हैं, जिनमें रामधन, सुरेशचंद, रामनाथ, हरीराम, जगदीश कुमार,रोशन लाल, सुखदेव सिंह, किशोरी चुघ मास्टर रामप्रताप सोलंकी हरदीप सिंह चन्ना लहोरिया सहित चार दर्जन किसान शामिल थे।