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आयुष्मान कार्ड: 70 साल से अधिक आयु के बुर्जगों को 5 लाख का नि:शुल्क इलाज

ayushman card

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भोपाल. राजधानी में इन दिनों 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों के इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया चल रही है। राजधानी में एक लाख चार हजार बुजुर्ग ऐसे हैं, जिनकी आयु 70 साल से अधिक है। इनमें से अभी तक सिर्फ 2600 बुर्जुगों का ही आयुष्मान कार्ड बन सका है। स्वास्थ्य विभाग आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए वार्ड कार्यालयों में शिविर आयोजित कर रहा है। घर बैठे ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी दी गई है। लेकिन जागरुकता का अभाव होने और जटिल तकनीकी प्रक्रिया होने से कई बुजुर्ग बिना कार्ड बनवाए ही लौट रहे हैं। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए नयी कार्ययोजना तैयार की है।
नहीं आया ओटीपी, लौटे बुजुर्ग
केस-एक
वार्ड 79 के कार्यालय में शनिवार को 74 वर्षीय बुजुर्ग रमेश श्रीवास्तव कतार में थे। जब उनकी बारी आई तो पता चला उनके आधार से कोई और नंबर जुड़ा है। ऐसे में उन्हें आधार नंबर अपडेट कराने का सुझाव देकर लौटा दिया गया।
केस-दो
वार्ड 75 के वार्ड कार्यालय में 75 वर्षीय मालती शर्मा भी कतार की लंबी प्रतीक्षा के बाद अंतत: निराश होकर लौट आयीं। उनके मोबाइल पर बार-बार के प्रयास के बाद भी ओटीपी नहीं आया। जबकि नंबर सही था। मोबाइल पर एसएमएस वाला पैक डलवाने का उन्हें सुझाव दिया गया।
यह है प्रक्रिया
इस संबंध में सीएमएचओ डॉ.प्रभाकर तिवारी का कहना है कि 70 साल से ज्यादा उम्र के हर बुजुर्ग आयुष्मान कार्ड बन रहा है। इसलिए बुजुर्ग को अपने आधार कार्ड और उससे जुड़े मोबाइल नंबर को अपडेट रखने की जरूरत है। स्वास्थ्य कर्मचारी बुजुर्ग के आधार की डिटेल पोर्टल पर दर्ज करता है। ओटीपी के जरिए इसका सत्यापन होता है। बुजुर्ग की फोटो अपलोड की जाती है। फिर व्यक्ति की यूनिक आइडी जनरेट हो जाती है। कार्ड बनने के बाद पंजीकृत अस्पतालों में पांच लाख तक का मुफ्त इलाज कराया जा सकता है।
योजना से यह लाभ
-कार्ड होल्डर बुजुर्ग पांच लाख तक का सालाना मुफ्त इलाज करा सकते हैं।
-कार्ड बनवाने के लिए इनकम की कोई बाध्यता नहीं, हर किसी का बन रहा कार्ड।
-जिनके पास पहले से आयुष्मान कार्ड है उन्हें नई सुविधा का भी अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
-योजना से लाभ लेने के लिए बीमारी में किसी तरह की वेटिंग का सामना नहीं करना पड़ेगा।
नहीं मिलेंगी यह सुविधाएं
-ओपीडी में आने वाले 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों को इलाज का भुगतान खुद करना होगा। यानी मुफ्त सुविधाओं के लिए अस्पताल में भर्ती होना जरूरी है।
-योजना में डेंटल ट्रीटमेंट और वैक्सीनेशन कवर नहीं है। मरीज जनरल वार्ड में ही भर्ती हो सकते हैं।
-प्राइवेट व सेमी प्राइवेट वार्ड में भर्ती होने पर अतिरिक्त शुल्क देना होगा।
-भर्ती होने से पहले जान लें क्याअस्पताल आयुष्मान योजना से जुड़ा है या नहीं।
कॉलोनियों में भी शिविर
स्वास्थ्य विभाग वार्ड कार्यालयों के बाद कॉलोनियों में भी शिविर लगाने जा रहा है। कोई भी व्यक्ति अपनी कॉलोनी और आसपास के 70 साल से अधिक आयु के बुजुर्गों की जानकारी सीएमएचओ कार्यालय में जमा कर इन शिविरों को लगवा सकते हैं।
घर बैठे बनवाएं कार्ड
घर बैठे अपना आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। इसके लिए टोल फ्री नंबर 14555 व 1800 233 2085 संचालित हैं। फोन करते समय आधार कार्ड और उससे अटैच मोबाइल नंबर साथ रखें। इसके अलावा आयुष्मान एप और आयुष्मान बीआइएस पोर्टल का उपयोग कर कार्ड बनवा सकते हैं।
बुजुर्गों के लिए जुड़ेंगी नई सुविधाएं
आयुष्मान योजना के तहत बुजुर्गों के लिए नई योजनाएं जोड़ी जाएंगी। इसको लेकर प्रस्ताव तैयार किए जा रहे हैं। जिसमें हर प्रदेश से सुझाव मांगे गए हैं। आयुष्मान भारत योजना सीईओ डॉ. योगेश भरसात के अनुसार योजना के तहत रोजाना औसतन 6.5 करोड़ रुपए के चार हजार से अधिक मुफ्त उपचार किए जा रहे हैं।
फैक्ट फाइल
प्रदेश के 1 करोड़ 8 लाख परिवारों के 4 करोड़ 70 लाख लोग आयुष्मान योजना से जुड़े

  • 99.81 फीसदी का कम से कम एक आयुष्मान कार्ड बन गया
  • योजना के तहत 7 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा के 45 लाख उपचार अनुमोदितआयुष्मान योजना से जुड़े भोपाल के अस्पतालसरकारी अस्पताल - 15निजी अस्पताल - 222बुजुर्गों के आंकड़ेकितने रिटायर्ड लोग - करीब 70 हजाररिटायर्ड लोग (70 से अधिक आयु के) - करीब 30 हजारकुल 70 से अधिक आयु के बुजुर्ग-1 लाख 4 हजार