भीलवाड़ा। बागेश्वर धाम के महंत धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने हनुमंत कथा के दौरान लगातार तीसरे दिन शुक्रवार शाम को बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं को अपने दिव्य शब्दों की अमृतवाणी एवं भजनों की सरिता में बांधे रखा। उन्होंने युवाओं को सीख गुरू मंत्र भी दिया। इस दौरान श्रद्धालु भी भजनों पर झूम उठे। जयकारें व तालियों से पांडाल लगातार गूंजता रहा।
तेरापंथ नगर के आरसीएम ग्राउंड पर छोटी हरणी हनुमान टेकरी के काठियाबाबा आश्रम के महंत बनवारीशरण के सानिध्य में आयोजित कथा के दौरान शुक्रवार को महंत शास्त्री ने भगवान हनुमान की आठों सिदि्धयों की महिमा बताई। उन्होंने एक भक्त के पत्र का वाचन करते हुए कामना, वासना व मन की कमजोरी पर नियंत्रण करते हुए अपने आप को मजबूत बनाने की बात भी हनुमंत कथा के विभिन्न प्रसंगों से जोड़ कर कही। उन्होंने कहाकि जो प्राप्त है, वही पर्याप्त है। भगवान हनुमान के नाम मेे छिपी महत्ता बताते हुए कहा कि हनुमान वह है जो कि मान का मर्दन स्वयं कर दें।
वह बोले की जिंदगी चार दिन की है हंस कर जियो। सन्यासी बाबा ने युवाओं को केरियर में सफलता के गुर बताए, कहा कि आप सेल्फी के लिए किसी के पीछे मत दौड़ों, ऐसे बनो कि लोग तुम्हार साथ सेल्फी लेने के लिए दौड़े। उन्होंने रावण-हनुमान प्रसंग के दौरान मुक्के की भी महिमा बताई।
व्यास पीठ की आरती में आयोजन समिति के अध्यक्ष विधायक गोपाल खण्डेलवाल, पूर्व मंत्री अनिता भदेल, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रशान्त मेवाड़ा के साथ विश्व हिन्दू परिषद, बजरंग दल, दुर्गावाहिनी समेत कई हिन्दूवादी संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे। इस दौरान त्रिलोकचंद छाबड़ा, प्रकाशचन्द छाबड़ा, महावीरसिंह चौधरी, कैलाशचन्द्र कोठारी, उमरावसिंह संचेती, सम्पतराज चपलोत, आशीष पोरवाल, श्यामसुंदर नौलखा, राकेश दरक,हेमेन्द्र शर्मा, राजेन्द्र कचौलिया, लक्ष्मीनारायण शर्मा, धर्मराज खण्डेलवाल, कांतिलाल जैन, उज्जवल जैन, तेजसिंह पुरावत, देवीलाल जाट आदि मौजूद रहे।