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कलेक्ट्रेट भवन….नया भवन प्रोफेसर कॉलोनी में वेटलैंड में उलझा, मौजूदा परिसर का लैंडयूज बदला, छह एकड़ में शॉपिंग मॉल व आवासीय प्रोजेक्ट होंगे

नए के लिए बजट मौजूदा बिल्डिंग से ही बनेगा नए कलेक्ट्रेट के लिए 483 करोड़ में चार फाइव जी बिल्डिंग तय कोट्सओल्ड सचिवालय कलेक्ट्रेट कार्यालय से जुड़ी जमीन का भू उपयोग शासन स्तर से बदलने की प्रक्रिया शुरू की थी। नए प्रोजेक्ट्स के तहत इसे बदला गया है।

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  • टीएंडसीपी ने बदला पुराने सचिवालय स्थिति कलेक्टोरेट का भू उपयोगभोपाल. पुराने शहर के पुराने सचिवालय स्थित कलेक्टर कार्यालय की करीब छह हेक्टेयर जमीन पर नई बसाहट व व्यवसायिक गतिविधि तय करने प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। मौजूदा कलेक्टर भवन पुराना सचिवालय का टीएंडसीपी ने लैंडयूज बदला है। रोड किनारे वाला हिस्सा व्यवसायिक होगा, जिसपर शॉपिंग मॉल- कॉम्प्लेक्स विकसित होंगे, जबकि इसके पीछे वाले हिस्से में आवासीय प्रोजेक्ट होगा। ये सरकारी एजेंसियां तय करेगी। हालांकि मौजूदा कलेक्टोरेट कार्यालय की नए शहर के प्रोफेसर कॉलोनी में शिफ्टिंग का प्लान कानूनी उलझन में है। ये उलझन सुलझने के बाद ही मामला आगे बढ़ेगा। तब तक कागजी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही है, ताकि जैसे ही मामला निपटे मौजूदा वाले में शॉपिंग सेंटर- आवासीय इकाईयों का काम शुरू हो और नए को भी बनाने का जमीनी काम शुरू किया जा सके।

नए के लिए बजट मौजूदा बिल्डिंग से ही बनेगा

  • बताया जा रहा है कि पुरानी बिल्डिंग के प्रोजेक्ट्स से ही नई बिल्डिंग को बनाने का बजट निकाला जाएगा। इसके साथ ही पुराने शहर में मुख्यमार्ग से लगी जमीन का बेहतर उपयोग हो जाएगा। यहां नई बसाहट और बाजार क्षेत्र विकसित होने का पुराने व नए शहर को लाभ मिलेगा।

नए कलेक्ट्रेट के लिए 483 करोड़ में चार फाइव जी बिल्डिंग तय

  • अभी प्रोफेसर कॉलोनी में तालाब से 50 मीटर दायरे की वजह से कानूनी पेंचिदगियों में उलझे नए कलेक्टर भवन के लिए चार फाइव जी बिल्डिंग की डिजाइन तय है। संभागायुक्त, आइजी देहात, कलेक्टर, पांच एडीएम, नाजिर शाखा, खनिज शाखा, आबकारी विभाग, खाद्य विभाग, निर्वाचन के लिए अलग से कार्यालय, खाद्य विभाग व इनसे संबंधित कार्यालयों, बाबुओं के बैठने की व्यवस्था, कॉफ्रेंस कक्ष, रिकॉर्ड रूम, लोकसेवा गारंटी केंद्र, एसएलआर, अधिवक्ता कक्ष व अन्य वे कार्यालय जो बाहर किराए की बिल्डिंग में संचालित हो रहे हैं, वे सभी इसी बिल्डिंग में लाएंगे।

कोट्स
ओल्ड सचिवालय कलेक्ट्रेट कार्यालय से जुड़ी जमीन का भू उपयोग शासन स्तर से बदलने की प्रक्रिया शुरू की थी। नए प्रोजेक्ट्स के तहत इसे बदला गया है।

  • श्रीकांत बनोठ, संचालक टीएंडसीपी