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शराब फैक्ट्री से निकल रही काली धूल, जांच करने गए अधिकारियों को नहीं दिखाई दी

– मेहर गांव में मरीजों की संख्या बढ़कर तीन सौ के पार, 60 ज्यादा लोग गंभीर, 1 की मौत – गांव खाली हो गया है, कोई घुसने तक को तैयार नहीं है, छोटे बच्चे तक डरने लगे हैं सागर. नरयावली विधानसभा के मेहर गांव में डायरिया की चपेट में आए मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती […]

सागरJul 06, 2024 / 07:53 pm

प्रवेंद्र तोमर

– मेहर गांव में मरीजों की संख्या बढ़कर तीन सौ के पार, 60 ज्यादा लोग गंभीर, 1 की मौत

– गांव खाली हो गया है, कोई घुसने तक को तैयार नहीं है, छोटे बच्चे तक डरने लगे हैं
सागर. नरयावली विधानसभा के मेहर गांव में डायरिया की चपेट में आए मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। शुरूआत में बीमारी फैलने की वजह शासकीय ट्यूबवेल के दूषित पानी पीने से होना बताया जा रहा था, शुक्रवार को ग्रामीण ने गांव के पास स्थित शराब फैक्ट्री को बीमारी का कारण बताया है। उसका कहना है कि शराब फैक्ट्री के कारण ही बीमारी फैली है। हवा के झौंके के साथ गांव में दिन-रात शराब की महक आती रहती है, काली धूल भी उड़ती है। ग्रामीण के इस आरोप के बाद स्वास्थ्य विभाग की क्षेत्रीय संचालक डॉ. ज्योति चौहान जांच करने गांव पहुंचीं, लेकिन उनका कहना है कि गांव में शराब की कोई महक नहीं आई है। इसको लेकर शनिवार को भी अफसर गांव में जाकर जांच करते रहे। गांव खाली हो गया है, कोई घुसने तक को तैयार नहीं है।
दरअसल गांव में बनाए स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती पप्पू आदिवासी की तबीयत बिगडऩे लगी, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल रेफर किया गया। पप्पू ने शराब फैक्ट्री के कारण बीमार होना बताया है। जानकारी के अनुसार मेहर गांव में सड़क के दूसरी तरफ डीसीआर डिस्लरी है, जो चार-पांच साल पहले शुरू होना बताई जा रही है। पत्रिका ग्रामीण के आरोपों की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन प्रशासन ने इस दिशा में भी जांच शुरू कर दी है कि कहीं शराब फैक्ट्री के कारण भूमिगत जल दूषित तो नहीं हो रहा है।
– हर घर से कोई न कोई बीमार

मेहर गांव में गुरुवार दोपहर को उल्टी-दस्त होने के बाद लोगों के बीमार होना शुरू हुआ था, रात तक यह स्थित बन गई कि शायद ही ऐसा कोई घर होगा जहां कोई न कोई बीमार न हो। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार शुक्रवार शाम तक 251 मरीज सामने आ चुके हैं। जिसमें से 42 मरीजों का गांव में तैयार किए अस्थाई अस्पताल में इलाज चल रहा है, वहीं गंभीर हुए 63 मरीजों जिला अस्पताल व बीएमसी रेफर किया जा चुका है। वहीं सागर के अलावा गांव के तीन अस्थाई अस्पतालों और आसपास के अस्पतालों में भी मरीजों के भर्ती होने की बात सामने आई है।
– अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति

गांव में फैले डायरिया के कारण जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति बन गई। शुक्रवार सुबह कलेक्टर दीपक आर्य जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात करने के बाद मेहर पहुंचे और पूरे गांव का पैदल भ्रमण किया। गांव में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव शुरू करा दिया गया है। आंगनबाड़ी व आशा कार्यकर्ताओं को गांव का सर्वे कर जरूरी दवाओं का वितरण कराया जा रहा है। कलेक्टर ने सीएमएचओ डॉ. ममता तिमोरी व सिविल सर्जन डॉ. आरएस जयंत को मरीजों की 24 घंटे निगरानी करने और जरूरत पडऩे पर व्यक्तिगत रूप से सूचना देने के निर्देश दिए हैं।
– ऐसा कुछ समझ नहीं आया

शराब फैक्टरी की बात सामने आने के बाद मैं खुद स्थिति पता करने मेहर गांव गई थी, लेकिन वहां शराब की कोई महक नहीं आई है। जिस ट्यूबवेल के पानी से बीमारी फैलने की बात की जा रही है उसका सैंपल लिया गया है, जांच रिपोर्ट के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
डॉ. ज्योति चौहान, क्षेत्रीय संचालक, स्वास्थ्य विभाग

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