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बुखार से तप रहा शरीर: सरकारी अस्पताल के दोनों वार्ड ‘हाउसफुल’, हर बेड पर दो-दो मरीज

-श्रीकरणपुर सीएचसी पर करीब 50 बुखार रोगी भर्ती
-टाइफाइड की आशंका से लोग चिंतित
-करीब पांच सौ की ओपीडी में अधिकांश मरीज बुखार से पीडि़त

श्री गंगानगरJul 08, 2024 / 08:18 pm

Ajay bhahdur

बुखार से तप रहा शरीर: सरकारी अस्पताल के दोनों वार्ड ‘हाउसफुल’, हर बेड पर दो-दो मरीज

श्रीकरणपुर. सीएचसी पर वार्ड में भर्ती बुखार रोगियों का हालचाल पूछते चिकित्सक व अन्य। -पत्रिका

श्रीकरणपुर. करीब तीन सप्ताह दिन से कस्बे में बुखार का प्रकोप है। स्थानीय सीएचसी पर जहां करीब 500 ओपीडी रोगियों में अधिकांश मरीज बुखार से पीडि़त आ रहे हैं। वहीं, करीब 50 मरीज अस्पताल में भर्ती भी हैं। ऐसे में कुल 25 बेड की क्षमता वाले दोनों वार्डों में प्रत्येक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती हैं। जानकारी अनुसार करीब तीन सप्ताह से कस्बे में बुखार रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। हालात ये हैं कि सरकारी व प्राइवेट चिकित्सकों के यहां इनकी कतार लगी है। स्थानीय सीएचसी पर प्रतिदिन करीब पांच-साढ़े पांच सौ रोगियों की ओपीडी रहती है। चिकित्सालय प्रबंधन के मुताबिक इसमें अधिकांश रोगी बुखार या इससे जुड़े लक्षणों सिरदर्द, ठंड लगना, खांसी, भूख में कमी, उल्टी, दस्त, कब्ज वाले ही आ रहे हैं। प्रारम्भिक जांच के बाद इन्हें दवाएं दी जा रही हैं लेकिन सीआरपी व वाइडल टेस्ट पॉजिटिव होने पर टाइफाइड की आशंका या गंभीर स्थिति वाले मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है। ऐसे में पिछले कई दिन से करीब 45-50 मरीज भर्ती होकर उपचार ले रहे हैं। बुखार पीडि़त निखिल, मंशा देवी, सियानी देवी, अनुप्रीत कौर, दवेश कुमार आदि मरीज पिछले तीन-चार दिन से अस्तपाल में भर्ती हैं। इधर, सीएचसी पर बने दोनों वार्डों में करीब 25 बेड की क्षमता है। ऐसे में वहां दो-दो मरीजों को एक ही बेड पर लिटाकर उपचार किया जा रहा है।

लक्षण वही, पर टाइफाइड नहीं…

कस्बे में एकाएक बुखार के रोगियों की संख्या बढऩे से हडक़ंप मचा है। लोगों का मानना है कि दूषित पेयजल आपूर्ति के चलते ऐसा हो रहा है लेकिन स्थानीय सीएचसी प्रभारी डॉ.नीरज अरोड़ा ने बताया कि बुखार पीडि़त इन रोगियों के लक्षण टाइफाइड जैसे ही हैं लेकिन यह टाइफाइड नहीं है। वायरल हो सकता है। डॉ.अरोड़ा ने बताया कि सीआरपी व वाइडल टेस्ट पॉजिटिव जरूर आ रहे हैं लेकिन बुखार का पैटर्न टाइफाइड जैसा नहीं है। उन्होंने बताया कि यहां आए हजारों मरीजों में अभी तक बहुत कम करीब 15-20 मरीज ही टाइफाइड के चिन्हित हुए हैं और उपचार के बाद सभी ठीक हो गए हैं। टाइफाइड बुखार साल्मोनेला टाइफी नामक जीवाणु से होने वाली बीमारी है। यह छोटी आंत को संक्रमित करता है और तेज बुखार पैदा करता है। गर्म शरीर, सिरदर्द, ठंड लगना, भूख में कमी, पेट दर्द, खांसी, मांसपेशियों में दर्द, उल्टी, दस्त या कब्ज आदि लक्षण टाइफाइड के अलावा अन्य प्रकार के बुखार में भी रहते हैं।

दृढ़ इच्छा शक्ति से होगी रोगमुक्ति

सीएचसी प्रभारी डॉ.अरोड़ा ने बताया कि डरने की बजाय दृढ़ इच्छा शक्ति व स्वच्छता रखने से इस रोग से जल्द मुक्ति मिल सकती है। वहीं, मजबूत इम्युनिटी वाले लोगों को यह प्रभावित ही नहीं करता। उन्होंने बाहर खुले में पड़े तले-भुने खाद्य पदार्थों का सेवन करने की बजाय घर की स्वच्छ चीजों को खाने की सलाह दी है। इसके अलावा अच्छी खुराक व शिकंजी, लस्सी व छाछ आदि पेय पदार्थों का सेवन करते हुए शरीर को हाइड्रेट रखने की बात कही है।

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