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‘बिश्नोई गैंग से बोल रहा हूं, 10 करोड़ तैयार रखना वरना’… MP के कारोबारी को आया धमकी भरा कॉल

MP News: एक बड़े प्रॉपर्टी कारोबारी को बिश्नोई गैंग के नाम पर 10 करोड़ की रंगदारी की धमकी मिली है। विदेशी नंबरों से आए वॉट्सऐप कॉल्स ने शहर के व्यापारियों में दहशत फैला दी है, पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

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Bishnoi Gang Extortion Threat Ashoknagar Property Dealer Demanded 10 Crore via WhatsApp Calls MP News

Bishnoi Gang Extortion Threat to Ashoknagar Property Dealer (फोटो- AI)

Bishnoi Gang Extortion Threat: शांत तासीर वाले अशोकनगर शहर में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक बड़े प्रॉपर्टी कारोबारी को कुख्यात बिश्नोई गैंग के नाम पर जान से मारने की धमकी दी गई। विदेशी नंबरों से आए इन वॉट्सऐप कॉल्स ने न केवल व्यापारी के परिवार की रातों की नींद उड़ा दी है, बल्कि पूरे व्यापारिक जगत में हडक़ंप मचा दिया है। धमकी देने वाले ने कारोबारी से दो दिन के भीतर 10 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि की मांग की है। (MP News)

अलग-अलग नंबरों से आ रही धमकियां

शहर के 36 वर्षीय प्रॉपर्टी कारोबारी अंकित अग्रवाल ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि 11 फरवरी को उनके वॉट्सऐप पर तीन अलग-अलग विदेशी नंबरों से कॉल आए। फोन करने वाले ने खुद को बिश्नोई गैंग का सदस्य 'हरि बॉक्सर' बताया। चौंकाने वाली बात यह है कि धमकी देने वाले के पास अंकित के परिवार और उनके कारोबार की बारीक से बारीक जानकारी मौजूद थी। आरोपी ने धमकी दी कि यदि दो दिन में 10 करोड़ रुपए नहीं मिले, तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। आरोपी लगातार वीडियो कॉल उठाने के लिए दबाव बना रहा था और डरावनी बातें कर रहा था।

एक और व्यापारी निशाने पर

विदेशी नंबरों से कॉल का यह सिलसिला सिर्फ अंकित तक सीमित नहीं रहा। शहर के एक अन्य व्यवसायी बलवीर खुराना को भी उसी विदेशी नंबर से कॉल आया था, हालांकि उन्होंने कॉल अटेंड नहीं किया। खुराना ने पुलिस को मौखिक सूचना दे दी है, लेकिन फिलहाल कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

उधर, साइबर सेल और कोतवाली पुलिस के लिए यह मामला बड़ी चुनौती बन गया है। जांच में सामने आया कि कॉल करने वाला किसी हाई-टेक सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे ट्रेसिंग के दौरान लोकेशन बार-बार बदल रही है। हालांकि, प्रारंभिक जांच में लोकेशन देश के भीतर की ही आ रही है, जिससे शक गहरा गया है।

गैंग का खौफ या किसी करीबी की साजिश

पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ इस एंगल पर भी काम कर रहे हैं कि क्या यह वाकई किसी अंतरराष्ट्रीय गैंग की धमक है या किसी स्थानीय व्यक्ति की शरारत। विशेषज्ञों का मानना है कि आजकल वर्चुअल नंबर ऐप्स के जरिए विदेशी कोड (+1 जैसे) का इस्तेमाल आसान हो गया है। मुमकिन है कि अंकित के कारोबार से वाकिफ किसी करीबी ने डराने के लिए गैंग का नाम इस्तेमाल किया हो। बहरहाल, बिश्नोई गैंग के नाम के जुड़ाव ने मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है और पुलिस हर पहलू की गंभीरता से तफ्तीश कर रही है। (MP News)

पुलिस ने कहा…

व्यापारी की शिकायत पर कोतवाली और साइबर सेल मामले की बारीकी से जांच कर रही है। सॉफ्टवेयर में लोकेशन बार-बार बदली आ रही है। यह भी जांच की जा रही कि यह सही है या गलत। ऐसा कौन व्यक्ति है जो यहां यह कर रहा है, उसे भी खंगाला जाएगा। - गजेंद्र सिंह कंवर, एएसपी अशोकनगर