
शनि देव के इन 3 मंत्रों का जाप, हर कष्ट से दिला सकता है छुटकारा, शनि ग्रह भी होगा मजबूत
सूर्य पुत्र शनिदेव को कर्मफल दाता की उपाधि प्राप्त है। ये लोगों को उनके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। सभी नौ ग्रहों में मनुष्य सबसे ज्यादा भयभीत शनि ग्रह से ही होता है। ऐसा माना जाता है कि शनि किसी भी व्यक्ति के जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मकर और कुंभ राशियों पर इनका आधिपत्य होता है। कहते हैं जिन लोगों पर शनि की कृपा दृष्टि बरसती है उनका जीवन सुख सुविधाओं से भर जाता है। वहीं जिन पर शनि की क्रूर दृष्टि पड़ती है उन्हें तमाम परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। यहां हम आपको बताने जा रहे हैं शनि को प्रसन्न करने के 5 शक्तिशाली मंत्र।
1. वैदिक मंत्र: “ॐ शं नो देवीरभिष्टय आपो भवन्तु पीतये शं योरभि स्त्रवन्तु न:”
2. शनि तांत्रिक मंत्र: “ॐ शं शनैश्चराय नमः/”
3. शनि बीज मंत्र: “ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः”
शनि के प्रकोप से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान: शनिदेव को प्रसन्न करना चाहते हैं तो इस बात का ध्यान रखें कि मेहनत करने वालों का हमेशा सम्मान करें। निर्धन और कमजोर लोगों का कभी अपमान न करें। महिलाओं की इज्जत करें। पशुओं को किसी प्रकार की हानि न पहुचाएं। गलत कार्यों से दूर रहें।
काले वस्त्र
काली उदड़ दाल
सरसों का तेल
काला कंबल
काला छाता
जामुन
काली गाय
काले जूते
भैंस
नीलम रत्न
शनि के लिये रुद्राक्ष: शनि ग्रह को मजबूत करने के लिये 7 मुखी रुद्राक्ष धारण करना लाभदायक होता है।
सात मुखी रुद्राक्ष धारण करने हेतु मंत्र:
ॐ हूं नमः।
ॐ ह्रां क्रीं ह्रीं सौं।।
शनिदेव के लिये व्रत: शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए शनिवार का व्रत करें। व्रत रख शनि देव की विधि विधान पूजा करें। शनि देव के मंदिर जाकर उनके समक्ष सरसों के तेल का दीपक जलाएं। जरूरतमंदों को दान करें। शनि चालीसा का पाठ करें।
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Published on:
07 May 2022 07:38 am

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