
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि आज़ादी के बाद भारत की प्रगति स्वामी विवेकानंद के विचारों के अनुरूप हो, इसी उद्देश्य को लेकर विद्यार्थी परिषद जैसे संगठन का निर्माण हुआ। परिषद ने अपनी स्थापना से लेकर आज तक शिक्षा, समाज और राष्ट्र के हित में अनेक जन-आंदोलनों का नेतृत्व किया है, जिनसे देश को सकारात्मक दिशा मिली है। मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि भारत को विश्वगुरु बनाने की प्रक्रिया में युवाशक्ति की भूमिका सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार को जगतपुरा िस्थत एक निजी यूनिवर्सिटी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) जयपुर प्रांत के 61 वें प्रांत अधिवेशन के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अभाविप विद्यार्थी जीवन से राष्ट्र निर्माण तक की यात्रा करने वाला संगठन हैं। विद्यार्थी जीवन की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि अभाविप जैसे संगठनों से जुड़कर कार्य करने से नेतृत्व क्षमता, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि प्रांत अधिवेशन के इस वातावरण में आकर उन्हें स्वयं अपने छात्र जीवन की स्मृतियां पुनः जीवंत होती प्रतीत हो रही हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद युवाओं को केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों के लिए भी तैयार करती है।
मुख्यमंत्री ने शिक्षा से जुड़े समकालीन विषयों पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने रीट परीक्षा पेपर लीक जैसी घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, निष्पक्ष और तकनीक-आधारित परीक्षा प्रणाली लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले मुख्यमंत्री ने उद्घाटन सत्र का शुभारंभ मां सरस्वती व स्वामी विवेकानंद के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ किया। कार्यक्रम में जयपुर प्रांत के विभिन्न विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों व शैक्षणिक संस्थानों से आए 700 से अधिक प्रतिनिधि, कार्यकर्ता व विशिष्ट अतिथि सम्मिलित हुए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निम्बाराम ने कहा कि जब किसी परिसर में विद्यार्थी परिषद पूरी प्रतिबद्धता और अनुशासन के साथ कार्य करती है, तो वहां वैचारिक प्रतिस्पर्धा स्वतः सकारात्मक दिशा में परिवर्तित हो जाती है। परिषद की कार्यशैली ऐसी है कि वैचारिक संवाद के माध्यम से विरोध भी सहमति में बदलता है।
निम्बाराम ने कहा कि विद्यार्थी परिषद केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की विचारधारा को आगे बढ़ाने वाला व्यापक आंदोलन बन चुकी है। अभाविप के राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री देवदत्त जोशी ने विद्यार्थी परिषद की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, वैचारिक आधार और संगठनात्मक यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
जयपुर प्रांत अध्यक्ष जिनेश जैन ने प्रांत स्तर पर अभाविप की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संगठन छात्रहित, शैक्षणिक गुणवत्ता और सामाजिक सरोकारों को लेकर निरंतर सक्रिय है। समारोह के शुरुआत में स्वागत समिति अध्यक्ष प्रवीण कुमार शर्मा के नेतृत्व में सभी अतिथियों का स्वागत किया गया। स्वागत समिति सचिव दीनदयाल गुर्जर ने अतिथियों व प्रतिनिधियों का औपचारिक स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत किया।
Updated on:
29 Dec 2025 09:00 pm
Published on:
29 Dec 2025 09:00 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
