
क्रूड ऑयल के भाव
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक पोस्ट ने भारत सहित दुनियाभर के लोगों को बड़ी राहत दे दी है। ट्रंप ने ईरान और इजराइल के बीच सीजफायर की घोषणा की है। ट्रंप ने कहा कि दोनों देश सीजफायर के लिए सहमत हो गए हैं। ट्रंप के इस बयान के बाद आर्थिक दुनिया में तेजी से बदलाव हुआ। जो शेयर बाजार पहले गिर रहे थे, वे हरे निशान पर ट्रेड करने लगे। सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। लोगों के लिए सबसे बड़ी राहत क्रूड ऑयल की कीमतें लेकर आईं। मंगलवार सुबह क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली हैं।
क्रूड ऑयल की वैश्विक कीमतें मंगलवार सुबह 2 फीसदी से अधिक गिर गई हैं। मंगलवार सुबह ब्रेंट ऑयल 2.55 फीसदी या 1.80 डॉलर की गिरावट के साथ 68.71 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखाई दिया। वहीं, क्रूड ऑयल WTI 2.92 फीसदी या 2.05 डॉलर की गिरावट के साथ 66.53 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। नेचुरल गैस की वैश्विक कीमत भी इस समय 0.63 फीसदी की गिरावट के साथ ट्रेड करती दिखी।
13 जून को इजराइल द्वारा ईरान पर हमला करने के बाद से क्रूड ऑयल की कीमतें 10 फीसदी बढ़ गई थीं। ईरान-इजराइल युद्ध में अमेरिका के शामिल होने और ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की आशंका ने तेल की कीमतों को लेकर चिंताओं को काफी बढ़ा दिया था।
भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतें क्रूड ऑयल की कीमतों पर निर्भर करती हैं। जब क्रूड ऑयल की कीमतें काफी अधिक बढ़ जाती हैं, तो सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों पर भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों को बढ़ाने का दबाव बनता है। क्रूड ऑयल की कीमतों में आज की गिरावट के बाद लोगों ने राहत की सांस ली है। यह भारत की अर्थव्यवस्था के लिए भी अच्छा है। भारत पेट्रोल-डीजल के मामले में आयात पर निर्भर है। महंगा आयात राजकोषीय स्थिति को भी प्रभावित करता है।
Published on:
24 Jun 2025 11:17 am
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