
कटनी. लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों पर अब जल्द ही लगाम लगेगी। पुलिस मुख्यालय के आदेश पर जिले में साइबर थाना खोलने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है। साइबर थाने के निर्माण के लिए पुलिस विभाग ने जमीन चिह्नित कर ली है। जमीन चिन्हि कर जानकारी पुलिस मुख्यालय भोपाल भेजी गई है। पुलिस मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद थाना का निर्माण शुरू होगा। साइबर थाना बनने से साइबर अपराध रोकने में पुलिस को सहूलियत होगी।
जानकारी के अनुसार बदलती तकनीक के साथ क्राइम का तरीका भी बदला है। साइबर अपराध के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। लोगों के खातों से रुपये उड़ाने, फर्जी आईडी बनाकर लोगों को परेशान के अलावा तकनीक के जरिये कई तरह के अपराध हो रहे हैं। अपराध करने में उम्दा तकनीक का इस्तेमाल करने से शातिर अपराधियों पकडऩा मुश्किल हो जाता है। ऐसे में जिले में साइबर थाने की जरूरत को देखते पुलिस मुख्यालय द्वारा प्रस्ताव मांगया गया था। पीएचक्यू के आदेश पर साइबर थाने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने खाली पड़ी करीब छह हजार स्क्वयर फीट जमीन चिह्नित की गई है। जमीन का मृदा परीक्षण भी हो चुका है।
पुलिस थाने और बैंक के लगाते है चक्कर
आनलाइन ठगी के शिकार लोग अपनी पीड़ा लेकर साइबर सेल पहुंचते हैं तो उन्हें स्थानीय थाने और बैंक के भेजा जाता है। यूं तो नियम के अनुसार थानों में अपराध पंजीबद्ध किया जाना चाहिए लेकिन थानों से भी पीडि़तों को साइबर सेल जाने का हवाला देकर चलता कर दिया जाता है। पीडि़त साइबर सेल, थाना और बैंकों के चक्कर काटने मजबूर हो जाते है।
साइबर सेल में प्रतिमाह पहुंच रही 100 शिकायतें
जानकारी के अनुसार साइबर सेल में वर्तमान में हर माह 100 से अधिक मामले जांच के लिए पहुंचते हैं। अपराध से जुड़े मामलों के साथ ही मोबाइल चोरी की घटनाओं के अधिक मामले होते हैं। किसी-किसी माह संख्या 150 तक पहुंच जाती है। साइबर थाना खुलने के बाद उसमें अलग से स्टाफ की पदस्थापना होगी और उसमें साइबर से जुड़े प्रशिक्षित जवान सेवाएं देंगे। ऐसे में बैंक खातों के माध्यम से होने वाले फ्राड पकडऩे में मदद मिलेगी।
इनका कहना है
पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर साइबर सेल थाना के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने की जमीन चिन्हित की गई है। जमीन चिन्हित कर प्रस्ताव भेज दिया गया है। मुख्यालय से अनुमति मिलने के बाद साइबर थाना का निर्माण शुरू होगा। साइबर थाना बनने से साइबर अपराधों के निराकरण में मदद मिलेगी।
डा. संतोष डेहरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक
Published on:
21 Aug 2024 09:56 pm
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