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कचरा प्लांट पर मंथन तेज, जांच रिपोर्ट पर टिकी निगाह

श्रीगंगानगर। जिला मुख्यालय पर कचरा निस्तारण की वर्षों पुरानी समस्या अब तक पहेली बना हुई है। यह प्लांट चक 6 जैड या नेतेवाला या चक 14 जैड में बनेगा, यह तय नहीं हो पाया है। हालांकि डीएलबी की विशेष टीम की जांच रिपोर्ट पर प्रस्तावित प्लांट को स्थापित किया जा सकेगा। डीएलबी जयपुर की विशेष […]

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श्रीगंगानगर। जिला मुख्यालय पर कचरा निस्तारण की वर्षों पुरानी समस्या अब तक पहेली बना हुई है। यह प्लांट चक 6 जैड या नेतेवाला या चक 14 जैड में बनेगा, यह तय नहीं हो पाया है। हालांकि डीएलबी की विशेष टीम की जांच रिपोर्ट पर प्रस्तावित प्लांट को स्थापित किया जा सकेगा। डीएलबी जयपुर की विशेष टीम ने गुरुवार को चक 6 जेड डंपिंग प्वाइंट और नेतेवाला के पास प्रस्तावित कचरा प्लांट स्थल की भूमि का निरीक्षण किया। टीम ने एनजीटी के मानकों के अनुरूप भूमि की उपयुक्तता, पर्यावरणीय प्रभाव और कचरा परिवहन की संभावनाओं का गहन आकलन किया। डीएलबी के एईएन अच्युत द्विवेदी के नेतृत्व में पहुंची टीम के साथ नगर परिषद के कार्यवाहक आयुक्त मंगतराय सेतिया तथा एईएन सुरेन्द्र कुमार भी मौजूद रहे। सबसे पहले टीम ने नगर परिषद की लगभग साढ़े बारह बीघा भूमि पर स्थित चक 6 जेड डंपिंग प्वाइंट का निरीक्षण किया। यहां प्रतिदिन 60 से 70 टन कचरे के ढेर देख टीम ने हैरानी जताई और कचरा निस्तारण की धीमी गति पर चिंता व्यक्त की। टीम ने पूर्व में प्रस्तावित कचरा प्लांट से जुड़े तकनीकी पहलुओं की भी जांच की तथा मौके से फीडबैक लिया।



सीएम की नजर में यह काम जरूरी



अधिकारियों ने माना कि प्रदेश में श्रीगंगानगर जिला मुख्यालय ऐसा है, जहां अब तक कचरा निस्तारण की प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी रही है। इसे लेकर मुख्यमंत्री स्तर पर विशेष निर्देश दिए गए हैं, ताकि कचरा प्लांट में आ रही बाधाओं को शीघ्र दूर किया जा सके। इसके बाद टीम ने नेतेवाला के पास प्रस्तावित कचरा प्लांट स्थल का अवलोकन किया। सरकारी रिकॉर्ड में यह भूमि लगभग साढ़े सत्रह बीघा दर्शाई गई है। निरीक्षण के दौरान वहां कुछ हिस्से में हरे चारे की खेती पाई गई, जिस पर संबंधित अधिकारियों से जानकारी ली गई। डीएलबी टीम ने आगे केसरीसिंहपुर क्षेत्र में भी कचरा निस्तारण के लिए प्रस्तावित भूमि का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद टीम की ओर से अपनी रिपोर्ट उच्च स्तर पर प्रस्तुत की जाएगी, इसके आधार पर जिले में कचरा निस्तारण की दिशा तय होने की उम्मीद है।