
makar sankranti
हर साल पूरे देशभर में मकर संक्रांति धूम-धाम के साथ मनाई जाती है। कई राज्यों में इसे खिचड़ी भी कहते हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात, यूपी, बिहार समेत कई राज्यों में इस दिन सुबह से दान करने का सिलसिला शुरू हो जाता है। कई राज्यों में तो जमकर पतंगबाजी होती है और शाम होते ही जमकर आतिशबाजी देखने को मिलती है। इस मामले में जयपुर हमेशा चर्चा में रहता है। दरअसल सूर्य का किसी राशि विशेष पर भ्रमण करना संक्रांति कहलाता है।
सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश करता है, तब मकर संक्रांति होती है। इस समय सूर्य उत्तरायण होता है। लिहाजा, इस समय किए गए जप और दान का फल अनंत गुना होता है। हमेशा की तरह इस बार भी मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाएगी।
सूर्य और शनि का सम्बंध इस पर्व से होने के कारण यह काफी महत्वपूर्ण है। कहते हैं इसी त्यौहार पर सूर्य अपने पुत्र शनि से मिलने के लिए आते हैं। आम तौर पर शुक्र का उदय भी लगभग इसी समय होता है, इसलिए यहां से शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। इतना ही नहीं मकर संक्रांति से दिन बड़े और रात छोटी होने लगती है।
मकर संक्रांति में जहां कुछ कामों को करना शुभ माना गया है, तो वहीं कुछ काम ऐसे हैं, जिन्हें करने से साफ मना किया गया है।
तो आइए जानते हैं कि ऐसे वो कौन से कार्य हैं, जिन्हें नहीं करना चाहिए...
-इस दिन बिना स्नान किए भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। मान्यता है कि इस दिन गंगा या किसी नदी में जाकर स्नान करना चाहिए, इसलिए गंगा या पवित्र नदी ना सही, लेकिन कम से कम घर पर स्नान जरूर करना चाहिए।
-महिलाओं को मकर संक्रांति के दिन बाल नहीं धोना चाहिए। पुण्यकाल में टूथब्रश भी नहीं करना चाहिए।
-अगर सूर्य देव की कृपा पाना चाहते हैं, तो संध्या काल में अन्न का सेवन न करें।
- इस दिन घर के अंदर या बाहर किसी पेड़ की कटाई-छंटाई भी नहीं करनी चाहिए।
- इस दिन आप किसी भी तरह का नशा नहीं करें। शराब, सिगरेट, गुटका आदि जैसे सेवन से आपको बचना चाहिए। इस दिन मसालेदार भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए।
-मकर संक्रांति के दिन गाय या भैंस का दूध नहीं दुहना चाहिए।
-मकर संक्रांति के दिन अपनी वाणी पर संयम रखें और गुस्सा ना करें।
-इस दिन भूलकर भी लहसुन, प्याज और मांस का सेवन नहीं करना चाहिए।
-यह प्रकृति का त्योहार है और हरियाली का उत्सव। ऐसे में इस दिन फसल काटने के काम को टाल देना चाहिए।
-मकर संक्रांति के दिन अगर कोई भी आपके घर पर भिखारी, साधु या बुजुर्ग आए, तो उसे खाली हाथ न लौटाने दें।
Published on:
11 Jan 2018 07:31 pm
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