
Saurabh Sharma case Update (photo: patrika creative)
Saurabh Sharma case Update: परिवहन विभाग के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा की काली कमाई खपाने का मैनेजमेंट उसके मौसेरे जीजा विनय हसवानी और साले रोहित तिवारी करते थे। वे मेसर्स इस्टेंट यूआर इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के जरिए काला धन सफेद करते थे। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को पेश चार्जशीट में इसका उल्लेख किया है। सौरभ के राजदार चेतन सिंह गौड़ ने कहा है कि 19 दिसंबर की रात मेंडोरी में जिस कार से 52 किलो सोना और 11 करोड़ नकदी मिली। वह कार सौरभ ने उसके नाम से खरीदी, लेकिन जब्त सोना और नकदी सौरभ की है। सोना-नकदी से लदी कार को मेंडोरी ले जाने से ड्राइवर प्यारेलाल ने मना कर दिया था। तब जीजा विनय कार लेने बावड़िया कलां तक आया। फिर कार मेंडोरी में पार्क की थी। पूछताछ के लिए ईडी प्यारेलाल को ढूंढ रही है। उसे 5 मार्च को समन जारी किया गया है।
ईडी ने बुधवार को जारी बयान में बताया कि सौरभ, उसके रिश्तेदार, सहयोगियों और उनके स्वामित्व वाली फर्मों, कंपनियों के नाम पर मिली 92.07 करोड़ की चल-अचल संपत्ति कुर्क की है। 16.18 करोड़ रुपए नकद भी जब्त किए हैं।
60 दिन में चार्जशीट न पेश करने वाली लोकायुक्त पुलिस भी अब हरकत में आ गई है। बताया जा रहा है कि लोकायुक्त चार्जशीट पेश करने की तैयारी में है। बताते हैं, लोकायुक्त ने 12 से ज्यादा संदिग्धों की सूची बना ली है। उन्हें आरोपी बनाने की तैयारी है। ग्वालियर और भोपाल में सौरभ की मां उमा शर्मा के नाम संपत्ति मिलने पर चाजर्शीट में उमा को भी आरोपी बनाया जाएगा।
ईडी ने सौरभ शर्मा और उसके करीबियों के 60 से ज्यादा बैंक खाते फ्रीज किए हैं। इनमें करीब 10 खाते सौरभ, उसकी मां उमा और पत्नी दिव्या के नाम पर हैं। करीब 9 बैंक खाते सौरभ के सबसे बड़े राजदार चेतन सिंह गौड़ के नाम मिले हैं। 12 खाते अलग- अलग फर्म और कंपनियों के नाम से मिले हैं। 10 खाते सौरभ के साले रोहित तिवारी और दो फिस्ड डिपॉजिट शरद जायसवाल के नाम पर हैं।
Updated on:
10 Apr 2025, 7:53 AM IST
Published on:
10 Apr 2025, 7:53 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.