देवास जिले के ग्राम खिवनी खुर्द में वन विभाग द्वारा जनजाति समाज के घरों को तोड़े जाने का विरोध पूरा आदिवासी समाज कर रहा है। शुक्रवार को जनजाति विकास मंच ने स्टेडियम ग्राउंड से कलेक्ट्रेट तक रैली निकालकर अपना विरोध दर्ज कराया। साथ ही राज्यपाल, मुख्यमंत्री नाम ज्ञापन सौंपकर जनजाति परिवारों को उजाडऩे वाले वन विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
शुक्रवार को रैली के माध्यम से नारेबाजी करते हुए जनजाति विकास मंच और बड़ी संख्या में आदिवासी समाज कलेक्ट्रेट पहुंचा। जनजाति मंच के कार्यकर्ताओं ने बताया कि देवास जिले की पटरानी पंचायत के ग्राम खिवनी खुर्द में वन विभाग ने अतिक्रमण हटाने के नाम पर 23 जून को 25 से ज्यादा जनजाति परिवारों के घर तोड़ दिए। भारी बारिश के बीच महिलाओं को घर से निकालकर बुलडोजर चलाया गया। खराब मौसम में महिलाएं, बच्चे, बुजुर्ग बिना छत के निराश्रित हो गए है। स्थानीय निवासियों के अनुसार ये परिवार पिछले 40 साल से वहां रह रहे थे।
जनजाति विकास मंच ने सवाल उठाया कि किस आधार पर खराब मौसम में यह कदम उठाया गया है। उजाड़े गए परिवारों का पुनर्वास भी नहीं किया गया। खराब मौसम में पीने का पानी, भोजन, स्वास्थ्य का भी ध्यान नहीं रखा गया। जनजाति विकास मंच ने अतिक्रमण के नाम पर जनजाति परिवारों को उजाडऩे वालों पर कार्रवाई के साथ परिवारों को बसाने की मांग की है। ज्ञापन के दौरान जनजाति विकास मंच खंडवा के सुनील बड़ालकर, सुरेश बामणिया, अशोक सोलंकी, तिलक सिसोदिया, कानूनी सलाहकार कृष्णा तडोले बारेला सहित अन्य मौजूद रहे।