
जैन मंदिर में पूजा-अर्चना में शामिल महिलाएं।
खंडवा. महावीर दिगंबर जैन मंदिर का 45 वां स्थापना दिवस उत्साह पूर्वक मनाया गया। शनिवार सुबह मंदिर में भगवान का अभिषेक हुआ। मंदिर में श्रद्धालुओं ने 64 रिद्धि मंडल विधान की पूजा अर्चना की गई। मंडल विधान की पूजा का वाचन नीता अमर ने प्रस्तुत किया। इसके बाद मंदिर में 57 इंच की खडकासन मुुनिसुव्रत भगवान की प्रतिमा विराजमान का निर्णय ट्रस्ट के सदस्यों ने लिया। अध्यक्ष दिलीप पहाड़िया और समाज की उपस्थिति में मूर्ति स्थापित के लिए न्योछावर राशि के बंद लिफाफे मंदिर में खोले गए। मूर्ति स्थापित करने का सौभाग्य किरण विनोद डोषी बीकानेर परिवार को प्राप्त हुआ। भगवान आदिनाथ के पुत्र भरत भगवान की भी मूर्ति जन सहयोग से स्थापित की जाएगी। परिसर में आखातीज के दिन श्रद्धालुओं के द्वारा मोनिका मुनि का पडगाहन हुआ। अक्षय तृतीया पर गन्ने के रस के पीने का विशेष महत्व है । जैन धर्मशाला में वात्सल्य भोज हुआ। इस अवसर पर पवन रावका, गेंदा लाल गंगवाल, सुरेश लोहाडीया ,वीरेंद्र जैन, अरुण हरसोला, प्रदीप जैन ,सतीश काला, विजय सेठी, सुनील जैन , सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए । कार्यक्रम का संचालन अमर लोहाडीया ने किया।
जैन श्रद्धालुओं ने पिया गन्ने का रस
खंडवा. भगवान आदिनाथ ने मुनि अवस्था में छह माह उपवास के बाद गन्ने का रस आहार के रूप में लिया था। तब से अक्षय तृतीया पर विशेष आयोजन कर जैन श्रद्धालु गन्ने का रस ग्रहण करते हैं। शनिवार को बजरंग चौक स्थित जैन मंदिर परिसर में यह आयोजन हुआ। समाज के सचिव सुनील जैन ने बताया कि वैशाख शुक्ला तृतीया को अक्षय तृतीया पर्व मनाया जाता है। इस दिन जैनधर्म के प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव ने राजा श्रेयांस के यहां मुनि अवस्था में 6 माह उपरांत इक्षु रस का आहार लिया था, जिस दिन तीर्थंकर ऋषभदेव का आहार हुआ था, उस दिन वैशाख शुक्ला तृतीया थी। उस दिन राजा श्रेयांस के यहां भोजन, अक्षीण हो गया था। यह तिथि अक्षय तृतीया के रूप में मानी जाती है। अक्षय तृतीया के दिन प्रतिवर्ष महावीर दिगंबर जैन मंदिर का स्थापना दिवस मना कर श्रद्धालुओं को गन्ने का रस प्रभावना स्वरूप वितरित किया जाता है।
Published on:
23 Apr 2023 12:05 pm
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